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Ajmer – नवरात्रि के पावन पर्व पर नौ देवियों की चैतन्य झांकी का आयोजन – Navratri Jhanki

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पंचशील  सेवा केंद्र के तत्वाधान में नवरात्रि के पावन पर्व पर नौ देवियों की चैतन्य झांकी का आयोजन  राजीव सर्किल पंचशील में दिनाक 7, 8, 9 अक्टूबर 2021 को किया गया। झांकी का शुभारंभ  मुख्य अतिथि पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल सुशील कुमार,डॉक्टर रमेश चंद क्षेत्रपाल,आतिश माथुर पार्षद,राजयोगिनी शांता बहन, बी के रूपा, ज्ञान चंद पंवार अध्यक्ष ए ब्लॉक सेवा समिति ने दीप प्रज्वलित कर किया गया कार्यक्रम का संचालन बी के रूपा बहन ने किया दूसरे दिन अशोक पंसारी,लाइंस क्लब अध्यक्ष,डॉक्टर एस डी बाहेती,जितेंद्र शर्मा, प्रकाश जेठरा, बी के रूपा, बी के ज्योति बहन ने झांकी का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन कर किया।   सिद्धिदात्री,महागौरी,शैलपुत्री, कात्यायनी,मां लक्ष्मी ,मां वैष्णो, दात्री,महागौरी,शैलपुत्री,कुष्मांडा,,,मां सरस्वती आदि देवियां विराजमान थी ।इस अवसर पर राजयोग आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई गई ।राजयोग आपके जीवन को पूरी तरह बदल देगा हमारे अंदर जो असीम गुण और शक्तियां विराजमान है , उन्हें हम राजयोग के माध्यम से विकसित कर हमारा जीवन भी देवियों की तरह दिव्य और सभी दैवी शक्ति से भरपूर कर सकते है , यह नवरात्रि पर्व सिर्फ उत्सव का पर्व ना होकर उत्सव के साथ साथ अपने जीवन को दैवी शक्ति से भरपूर करने का उत्सव है । उपरोक्त उद्गार झांकी का शुभारंभ करने आए सभी अतिथि गणों ने कहा।
शनिवार को झांकी के समापन पर महापौर नगर निगम अजमेर ब्रजलता हाड़ा ,पूर्व विधायक गोपाल बाहेती,सोमरतन आर्य,पार्षद वीरेंद्र वालिया, भारती वास्तव,पार्षद रूबी जैन ने नौ देवियों की चैतन्य झांकी में पहुंच कर दर्शन लाभ लिए । महापौर हाड़ा और रूबी जैन ने देवियों की आरती उतारी । महापौर ने कहा ऐसी जीवंत झांकी मैंने अपने जीवन में पहली बार देखी , साथ साथ उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों की बहुत प्रशंसा करते हुए कहा की , ब्रह्माकुमारी बहने ऐसे अलौकिक कार्यक्रम का आयोजन करके हमारे समाज में एक नई जागृति लाने का तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने का महान कार्य कर रही है , नौ देवियों की चैतन्य झांकी देख अभिभूत होकर उन्होंने कहा की हम भी राजयोग का अभ्यास कर स्वयं को आत्म सशक्तिकरण करेंगे एवं सभी को आत्म सशक्त होने के लिए जागरूक करेंगे।   राजयोगनी शांता दीदी ने कहा की ऐसी झांकी से हमारे भारत देश की  संस्कृति कितनी ऊंची है , उसका पता चलता है , इसलिए हमें अपने महान संस्कृति का मान रखकर राजयोग के अभ्यास का दैनिक जीवन में  उपयोग करना चाहिए ।

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Source: BK Global News Feed

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