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25 अगस्त, डॉ० दादी प्रकाशमणि जी की 14वीं पुण्यतिथि – “विश्व बंधुत्व दिवस “

आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व अंतर्राष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका (1969 से 2007) डॉ० दादी प्रकाशमणि जी की 14वीं पुण्यतिथि “विश्व बंधुत्व दिवस” के रूप में मनाई गई।

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कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम संचालक कृष्ण भाई ने कहा- दादी जी प्रैक्टिकल में सारा विश्व हमारा परिवार है, हम सभी आत्माएं एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं, सभी आत्माएं आपस में भाई-भाई हैं- इस भावना से भरपूर थी। इसी कारण पांचों महाद्वीपों में कोई किसी भी धर्म- जाति-वर्ग का व्यक्ति हो, लेकिन उनकी जो अंदर में आत्मिक भावना थी उसने सभी को ईश्वरीय विश्व विद्यालय के समीप लाया। परिणामस्वरुप 140 देशों में 8500 सेवाकेंद्रों के माध्यम से विश्व-बंधुत्व की भावना का प्रचार-प्रसार निरंतर चल रहा है।

बी. के. तरुण ने कहा कि दादी प्रकाशमणिजी का जीवन चैतन्य पारसमणि के समान था, जिनके संपर्क में जो कोई भी आया उनका जीवन गुणों से प्रकाशित हुए बिना नहीं रहा। उनका जीवन ज्ञान, शान्ति, प्रेम, पवित्रता, सुख, आनन्द, शक्ति से परिपूर्ण था। दादी जी ने अपने विशिष्ट नेतृत्व में नि:स्वार्थ और निमित्त भाव, सम्मान और एक-दूसरे में विश्वास, त्याग, सहनशीलता, सब को आगे बढ़ाने की भावना, उमंग उत्साह जैसे गुणों को समाविष्ट कर इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया‌ और भ्रातृत्व-भावना का अपने जीवन से संदेश दिया इसलिए आज के दिन को “विश्व बंधुत्व दिवस” के रुप में मनाया जाता है।

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कार्यक्रम में डी.के. श्रीवास्तव, एमडी, सुधा डेयरी; दशरथ मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश; ओम प्रकाश भाई ने भी अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।

सविता बहन ने सबका स्वागत करते हुए दादी जी को एक अद्वितीय व्यक्तित्व का धनी बताया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से सतीश चांदना, शिवकुमार अग्रवाल, डॉ० अरुण, लाल बहादुर भाई, मनोज भाई, गोपाल भाई, गोपाल कृष्ण दुआ आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

Source: BK Global News Feed

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