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सकारात्मकता के सबसे बड़े उदाहरण गणपति देवा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सकारात्मकता के सबसे बड़े उदाहरण गणपति देवा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में गणेश जी की झांकी सजाई गयी |

शिवदर्शन भवन बस स्टैंड कोरबा रोड बलौदा

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बलौदा- आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा सेवाकेंद्र में सभी के दर्शन व पूजन अर्थ विघ्न विनाशक गणेश व परमपिता परमात्मा शिव की सुंदर झांकी सजाई गई है! प्रतिदिन प्रातः सत्संग के पश्चात 8 बजे व सायं काल गणपति देवा की आरती की जाएगी।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने ऑनलाइन क्लास में सम्बोधित करते हुए कहा कि गणेश जी के हर अंग को देखे व चिंतन करें तो वो हमारे सामने सबसे बड़े सकारात्मकता के उदाहरण है उनका भव्य मस्तक विषालबुद्धि को दर्षाता है जो कि हमें विपरीत हालातों के समय में निर्णय करने के लिए आवष्यक है क्योंकि हमारे लिए कोई दूसरा निर्णय नहीं लेता। बड़े कान सुनने की क्षमता का प्रतीक है। जीवन में अच्छाईयों को धारण करने के लिए उन्हें पहले ध्यानपूर्वक सुनने की आवष्यकता है। छोटी आंखें एकाग्रता व दूरदर्षिता का प्रतीक हैं। हमें यह ध्यान रखते हुए कार्य करना होगा कि इस कर्म से भविष्य में हमें खुषी होगी या पश्चाताप का सामना करना पड़ेगा। वक्रतुण्ड अर्थात् सुण्ड हमें बताता है कि हमारी कार्यक्षमता उत्कृष्ट हो, हम छोटे-बड़े हर कार्य करने को तैयार रहें तथा समय के साथ मोल्ड होकर रहें, बड़ों के साथ बड़ों जैसा, बच्चों के साथ बच्चों जैसा हमारा व्यवहार रहे। हाथों में अलंकार के रूप में रस्सी व कुल्हाड़ी दिखाते हैं क्योंकि रस्सी ऊंचाई पर पहुंचने का सहारा होती है, हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए तब ही हम उसे प्राप्त कर सकते हैं और कुल्हाड़ी बताती है कि हम अपने अंदर की मोह-ममता, काम, क्रोध, लोभ, अंहकार, ईर्ष्या, घृणा, द्वेष, आलस्य, अलबेलेपन रूपी राक्षसों को काट फेंके। एकदन्त अर्थात् एक परमात्मा की याद में रहना। गणेष जी को षिवपुत्र कहा जाता है जो देवों के देव महादेव हैं। लम्बोदर अर्थात् बड़ा पेट हमें समाने की शक्ति का महत्वपूर्ण संदेष देता है कि जिस प्रकार हम अपने घर की बुराईयों को, गलतियों को फैलने न देकर समा लेते हैं लेकिन वही घटना यदि दूसरों के घरों में घट जाए तो उसे अनेक लोगों तक फैला देते हैं जो कि सबसे बड़ा मानसिक प्रदूषण है। लम्बोदर से हमें यह सीख लेनी होगी कि हम गलत बातों का कचरा फैलाएं नहीं, उसे समा लें। वाहन मूषक का अर्थ यह है कि चूहे जैसे चंचल, बहुत नुकसान करने वाले प्राणी पर भी नियंत्रण व शासन करना बहुत ही महानता भरी बात है।

 

Source: BK Global News Feed

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