Uncategorized

जीवन में चमत्कार की तरह हैं सकारात्मक विचार – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति

जीवन में चमत्कार की तरह हैं सकारात्मक विचार – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

हर क्यों का समाधान है गीता ज्ञान में

हमारे जीवन की घटनाओं का उत्तर जानने के लिए कर्म की गति का ज्ञान जरूरी

ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में तनावमुक्ति शिविर का अंतिम दिन

सभी को म्यूजिकल एक्सरसाइज और एक्यूप्रेशर का अभ्यास कराया गया।

#gallery-3 {
margin: auto;
}
#gallery-3 .gallery-item {
float: left;
margin-top: 10px;
text-align: center;
width: 33%;
}
#gallery-3 img {
border: 2px solid #cfcfcf;
}
#gallery-3 .gallery-caption {
margin-left: 0;
}
/* see gallery_shortcode() in wp-includes/media.php */

बलौदा :- सकारात्मक विचार व दृष्टिकोण अपने आप में एक चमत्कारिक औषधि है। यदि हम कोई भी कार्य सकारात्मक सोच के साथ करते हैं तो उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। ध्यान, आसन, प्राणायाम का अभ्यास सकारात्मक सोच के साथ करने से छोटे-मोटे रोग तो स्वतः ही ठीक हो जाते हैं और योगाभ्यास नियमित करने से असाध्य रोगों से बचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त एक्यूप्रेशर व घरेलू चिकित्सा से भी रोगों का उपचार किया जा सकता है। उक्त सभी उपचार प्रभावशाली भी हैं और इनमें अलग से धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके बाद प्राकृतिक व पंचकर्म चिकित्सा, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व एलोपैथी औषधियों का सहारा लें।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा सेवाकेन्द्र में तनावमुक्ति शिविर के दौरान ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। दीदी ने बतलाया कि हमारे जीवन में कई ऐसी घटनाएं हैं जिनके लिए हमारे मन में प्रश्नवाचक चिन्ह होता है कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों? जबकि सभी के साथ हम प्यार भरा व्यवहार करते हैं, किसी को कोई तकलीफ नहीं देते लेकिन बदले में हमें दर्द, धोखा, तकलीफ क्यों मिलता है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानने व मन को शान्त रखने के लिए गीता ज्ञान जरूरी है। गीता में दिए गए कर्मां की गुह्य गति को जानने से ही मन की सभी उलझनें सुलझाने की शक्ति आ जाती हैं। जिन परिस्थितियों को बदल नहीं सकते हैं उन्हें स्वीकार करने की क्षमता आ जाती है और जिन्हें स्वीकार नहीं सकते उन्हें बदलने की।
अंत में दीदी ने सभी को म्यूज़िकल एक्सरसाइज व एक्यूप्रेशर का अभ्यास कराया। इस अवसर पर नगर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मेडिटेशन का बेसिक कोर्स 16 से

दीदी ने शिविर के अंतिम दिन बतलाया कि निःशुल्क सात दिवसीय मेडिटेशन का बेसिक कोर्स 16 सितम्बर से शाम 7 से 8 बजे शुरू होने जा रहा है। जिसमें मेडिटेशन की विभिन्न विधियों के साथ-साथ, जीवन में सत्संग का महत्व, स्वयं को चार्ज रखने का तरीका, व्यवहार व संस्कार परिवर्तन के लिए आवश्यक बातें, मन की शक्ति को जागृत करने की भी विधि बताई जायेगी।

Source: BK Global News Feed

Comment here