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नकारात्मक प्रभाव से सुरक्षा के लिए स्व-सशक्तिकरण आवश्यक – ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में तनावमुक्ति शिविर का दूसरा दिन

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
आभा बढ़ाने के लिए सकारात्मक चिंतन व ध्यान जरूरी – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
नकारात्मक प्रभाव से सुरक्षा के लिए स्व-सशक्तिकरण आवश्यक
ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में तनावमुक्ति शिविर का दूसरा दिन

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बलौदा, 01 सितम्बर : हम सभी जानते हैं कि क्रोध करना अच्छी बात नहीं है और हम क्रोध करना चाहते भी नहीं हैं लेकिन क्रोध कर लेते हैं और क्रोध करने के बाद अच्छा भी नहीं लगता फिर भी क्रोध कर देते हैं। इससे मुक्त होने के लिए हमें स्वयं की बैट्री चार्ज करनी होगी। क्योंकि क्रोध, ईर्ष्या, घृणा, आलस्य, अलबेलापन, द्वेष की भावनाएं ये सब आत्मा की बैट्री डिस्चार्ज होने के लक्षण हैं। आज सारे संसार की ऐसी स्थिति है कि सात अरब जनसंख्या में हर पल कोई न कोई देह का त्याग कर रहा है। और इसमें से कई मौतें एक्सीडेन्टल और कई अकाले मृत्यु हो रही हैं जिसमें लोगों की इच्छाएं अतृप्त रह जाती हैं। यदि हमारी आभा शक्तिशाली होंगी तो नकारात्मक एनर्जी का प्रभाव हम पर नहीं पड़ेगा और इसके लिए शुद्ध भावनाएं, ध्यान व सकारात्मक चिंतन की सतत आवश्यकता है।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में आयोजित त्रि-दिवसीय तनावमुक्ति शिविर के दूसरे दिन शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। आपने सभी से कहा कि अपने घर का वातावरण पवित्र व शांत बनाएं। इसके लिए रात्रि का समय अच्छे विचारों में बिताएं न कि पारिवारिक समस्याओं, क्रोध, तनाव, लड़ाई-झगड़े आदि वाले सीरियल देखकर या मोबाइल में व्यर्थ की चीजें देख, सुन या पढ़ कर। क्योंकि रात्रि सोने से पूर्व हमारा अवचेतन मन सक्रिय हो जाता है और जो भी चीजें हम देखते, सुनते या पढ़ते हैं वह हमारे भीतर चला जाता है यदि वह नकारात्मक चीजें हैं तो डर, तनाव, चिंता आदि रोग उत्पन्न करेगा, चिंता आदि रोग उत्पन्न करेगा, चिंता आदि रोग उत्पन्न करेगा, चिंता आदि रोग उत्पन्न करेगा। इसलिए रात्रि में अच्छे संकल्पों के साथ सोएं। स्वयं को अच्छे संकल्प देना, इसे ही स्वमान कहा जाता है।
दीदी ने आज सभी को रात में परमात्मा का हाथ मेरे सिर पर है यह अनुभव करते हुए 21-21 बार यह स्वमान लेने कि बात कही कि ‘मैं सर्वशक्तिमान परमात्मा की संतान मास्टर सर्वशक्तिमान हूं’ और ‘ईश्वर अपने साथ है तो दुनिया की कोई भी ताकत मुझसे मेरी शक्ति और शान्ति छीन नहीं सकती।’
दीदी ने जानकारी दी कि तीसरे दिन के शिविर के पश्चात् जल्द ही मेडिटेशन का बेसिक कोर्स शुरू किया जायेगा। यह भी बतलाया कि यहां के सभी कोर्सेस व क्लासेस निःशुल्क है। शुल्क है तो पांच खोटे सिक्के और एक आने का अर्थात् पांच खोटे सिक्के पांच विकारों रूपी बुराईयां हैं जो इतनी जल्दी नहीं दे सकते लेकिन एक आना अर्थात् केवल एक बार सेवाकेन्द्र आकर समय देना – ये तो सभी कर सकते हैं।

Source: BK Global News Feed

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