Uncategorized

Independence Day Celebration

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नरसिंहपुर को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला संचालिका राजयोगिनी ब्र.कु. कुसुम बहिन जी के द्वारा राष्ट्रध्वज] राष्ट्रगान के साथ फहराकर अमर शहीदों को 2 मिनिट मौन श्रद्धांजलि दी एवं प्रसाद वितरण किया गया।

जिला संचालिका ब्र कु कुसुम बहिन जी ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कहा कि आज बाहरी रूप से स्वतंत्र हुए 72 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं लेकिन भारत ही नहीं समूचा विश्व आज भी पांच विकारों रूपी रावण की जेल में कैद है। इस भारत में ऐसे वीर पुरूष हुये जिन्होंने अपने जीवन को बलिदान कर दिया ऐसे महान आत्मायें जिन्होंने इस भारत को स्वतंत्र करने में फिर से दैवी राज्य स्थापन करने में अपने जीवन] अपने तन] मन] धन को लगा दिया। हम गौरव के साथ कह सकते हैं कि हम भारत माता कि वो संतान है जो फिर से इस आजाद भारत के नागरिक है लेकिन विडम्बना कि बात यह हैं कि आज का मनुष्य स्वतंत्र भारत का नागरिक तो अपने को कहलाता है। जिस भारत भूमी के लिये अनेकों ने अपने जीवन को बलिदान दे दिये उन शहीदों की गाथा तो गाता है लेकिन बात सोचने की यह है कि भारतवासियों ने भारत से अंग्रेजों को तो भगा दिया लेकिन भारत से अंग्रेजी सभ्यता को पाश्चात्य सभ्यता को एवं अनेक प्रकार के पाश्चात्य आकर्षणों को अपने जीवन में धारण कर  लिया है और अपनी संस्कृति को लुप्त कर दिया है। इसलिये जरूरत हैं कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते जो भारत की देव संस्कृति थी] आध्यात्म संस्कृति थी] पवित्रता थी] दिव्य गुण से सम्पन्न थे] सालीनता थी] भाईचारा था] बंधुत्व की भावना थी उसको फिर से अपने जीवन में धारण करें।

 आज हम सच्ची स्वतंत्रता चाहते है। तो उन वीर महापुरूषों की तरह हमें अपने गर्दन को काटकर बलि नहीं चढ़ानी है। लेकिन सिर्फ और सिर्फ हम अपने अंदर के मनोविकारों की बलि चढ़ा दें जिस प्रकार महात्मा गांधी ने सत्य अहिंसा एवं ब्रम्हचर्य के बल से भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्र कराया ऐसे हम उनके स्वप्न को साकार करने के लिए प्रेम] भाईचारा] सद्भावना] सर्व के प्रति शुभकामना रखते हुए अपने अंदर के 5 विकारों रूपी शत्रुओं की गुलामी से मुक्त होकर सच्ची स्वतंत्रता दिवस मनाये तो सचमुच ये भारत स्वतंत्र भारत रामराज्य और स्वर्ग बन जायेगा।

Source: BK Global News Feed

Comment here