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खुले विचारों से हम सत्गुरू परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
खुले विचारों से हम सत्गुरू परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में तीन दिन तक मनाया जा रहा गुरू पूर्णिमा का पर्व
आज गुरूवार को परमसत्गुरू परमात्मा को भोग स्वीकार कराया गया…
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बिलासपुर, टिकरापाराः- भगवान कहते हैं कि संसार में पवित्रता का महत्व गुरूओं, सन्यासियों व महात्माओं ने बनाए रखा है और कलियुग का पतन होने से बचाया है। गुरू के अंदर गुरूर नहीं होता और वे हमारे अंदर के गुरूर को भी समाप्त करते हैं और हमें अज्ञान अंधियारे से ज्ञान प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
उक्त बातें गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। सभी गुरूओं के प्रति सम्मान व आभार व्यक्त किया और अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि हम अपने मन को खुले विचारों वाला रखेंगे तो गुरूओं से ज्ञान प्राप्त करते-करते परम सत्गुरू ईश्वर तक पहुंच सकते हैं। हमें हर प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए चाहे वह राजयोग की शिक्षा हो, आसन-प्राणायाम की शिक्षा हो या किसी बच्चे से किसी बात की शिक्षा हो।
दीदी ने कहा कि गुरू से ज्ञान लेने के लिए किसी को छोड़ने और छूटने की बात नहीं होती। ये तो हमारी बुद्धि की विशालता की बात होती है। सत्गुरू ईश्वर तक पहुंचने के लिए हमें सभी गुरूओं का, सभी आध्यात्मिक संस्थाओं का सम्मान करना ही चाहिए। इसी उद्देश्य से मुख्यालय माउण्ट आबू में हर वर्ष संत सम्मेलन आयोजित करके दादीजी सभी संत, महात्माओं को उनकी पवित्रता, त्याग व तपस्या के लिए आदर, सत्कार व सम्मान करते हैं।
सत्संग के पूर्व परमसत्गुरू परमात्मा व सभी गुरूओं को भोग स्वीकार कराया गया इसके बाद सभी ने परमात्मा की वाणी ‘ज्ञान मुरली’ सुनी। इस आध्यात्मिक मार्ग में सदा ईश्वर के बने रहने, मानव को देवतुल्य बनाने की सेवा में व्यस्त रखने व अपने विचार व व्यवहार को शुद्ध व प्रेमपूर्ण बनाए रखने की सतत प्रेरणा देने वाली मंजू दीदी जी को सभी साधकों की ओर से बहनों ने तिलक लगाकर व पुष्पगुच्छ भेंट कर गुरू पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी।

Source: BK Global News Feed

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