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21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया

खुशहाल जीवन के लिए शारीरिक योग के साथ अध्यात्म और राजयोग को जीवन में अपनायें
ब्रह्माकुमारी हेमलता

इंदौर, 20 जून । योग हमारी भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है महत्वपूर्ण धरोहर है। आज की भागती दौड़ती तेज रफ्तार वाली जिंदगी में मनुष्य को स्वस्थ और उर्जावान बनाये रखने के लिए योग की अत्यन्त आवश्यकता है लेकिन सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए केवल शरीर का स्वस्थ होना ही पर्याप्त नही है । मन में चलने वाले अनेक प्रकार के नकारात्मक विचारो का प्रभाव तन पर पड़ता है और वह रोगी हो जाता है । तन और मन रोगी हो जाने से आपसी व्यवहार में कडुवाहट आने लगती है संबंधो में दूरियां बढ़ने लगती है अतः आवश्यकता है शारीरिक योग के साथ साथ अध्यात्म और राजयोग को जीवन में अपनाये । राजयोग एक ऐसी औषधी है जिससे तन मन के सभी रोग दूर हो जाते हैं, जीवन में खुश्हाली आ जाती है।  राजयोग के माध्यम से परमात्मा पिता से सकारात्मक उर्जा प्राप्त कर उसे वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से सारे विश्व में प्रवाहित करते हैं

        उक्त विचार ज्ञानशिखर ओमशान्ति भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में ’’ योग द्वारा सम्पूर्ण निरोगी काया एवं खुशहाल जीवन  ’’ । विषय पर आयोजित वेबिनार में इंदौर जोन के मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी  ने उच्चारे।
माउण्ट आबू से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने राजयोग की विस्तृत जानकारी देकर योग की अनुभूति कराई।
एम.जी.एम. मेडिकल काॅलेज के डीन डाॅ. संजय दीक्षित ने कहा कि हमारे जीवन में योग के अभ्यास के अनंत लाभ है, योग अनेक प्रकार के हैं सभी योगों में राजयोग एक ऐसा अनूठा आयाम है जो न केवल शरीर को अपितु हमारे मन को भी सशक्त बनाता है, विचारों का सही प्रबंधन करना सिखाता है, इससे मन की एकाग्रता, बुद्धि की स्पष्टता और संस्कारों में दिव्यता आती है।
मेदांता हास्पीटल के सुप्रसिद्ध हृद्य रोग विशेषज्ञ डाॅ.  भरत रावत ने शारीरिक बीमारियों से बचने के लिए अनेक उपयोगी टिप्स बताते हुए कहा कि सभी प्रति दिन कुछ समय आसन प्राणायाम के लिए समय अवश्य निकालें, मन को प्रफुल्लित रखे एवं दिन में 8, 10 बार ठहाका लगाकर हंसे।
आर. डी. मेमोरियल पीजी आयुर्वेद मेडिकल काॅलेज भोपाल के प्रो. एवं मोटिवेशनल स्पीकर डाॅ. दिलीप नलगे, ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि राजयोग से मुझे शारीरिक बीमारियों में बहुत लाभ हुआ है । चिंता , भय ,तनाव दूर हो गये, मेरे अंदर छिपी अनेक कलाऐं विकसित हुई है।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, जिला आयुष अधिकारी डाॅ. हिम्मत सिंह डाबर ने भी अपनी शुभ कामनायें दी। छत्तीसगढ़ दुर्ग के गायक भ्राता युगरतन ने अपने प्रेरणादायी गीत के माध्यम से योग का महत्व बताया । कार्यक्रम का संचालन डाॅ. शिल्पा देसाई ने किया।
प्रातः कालीन सभा में योग शिक्षिका बहन ममता गार्गव ने सभी को योगासन और एक्सरसाइज का लाभ बताते हुए अभ्यास कराया।

Source: BK Global News Feed

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