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“जिओ शान से ” वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्यक्रम

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय धमतरी के तत्वावधान में पीस वाक फॉर ग्लोबल हेल्थ प्रोजेक्ट के अंतर्गत दुसरे सेशन में सीनियर सिटिज़न के लिए ‘जिओ शान से” विषय पर आत्म अनुभूति तपोवन में प्रोग्राम रखा गया |जिसमे मुख्य अतिथि क्र रूप में उपस्थित थे माननीय यशवंत देवानजी  प्रांतीय अध्यक्ष पेंशनर संघ,सुरजीत नवदीप जी सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कवी ,लेखुभई भानुशाली,प्रकाश गाँधी संचालक “जीवनसंध्या” वृद्धाश्रम, हर्षद मेहताजी पूर्व विधायक, सेवकराम नेलेजी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित,सेवानिव्रत्त शिक्षक ,गोपाल शर्माजी समाजसेवी,मदन मोहन खंडेलवाल समाजसेवी,डॉ रामसुख यादवजी ,राजयोगिनी सरिता दीदीजी ,संचालिका धमतरी |

कार्यक्रम की शुरुवात में सर्व प्रथम सभी दीप प्रज्वलित कर तथा बरगत के पौधे को पानी देकर वरिष्ठजन के लम्बे उम्र की मनोकामना की| सभी वरिष्ठजनों का तिलक ,पुष्पगुच्छ,बैच और सुन्दर सुविचार फ्रेम के साथ सम्मान किया गया |

ब्रह्माकुमारी प्राजक्ता बहन ने सभी को 6 प्रश्न पूछकर जीवन के 60 वर्ष गुजरने के बाद जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक परिवर्तन कितने परसेनटेज में आया इसका एनेलेसेस किया |पहला प्रश्न था 60 वर्ष की उम्र गुजरने के बाद मेरा जीवन सुव्यवस्थित हो गया है |2. मेरा मृत्यु का डर ख़त्म हो गया है . मै ब्रह्मांड से जुड़ा हुवा महसुस करता हूँ | 4. मुझे अकेलापन बहुत अच्छा लगता है 5. परिवार के साथ मै बहुत प्यार का सम्बन्ध निभाता हु 6. जीवन को बहुत अच्छा बनाने की कुछ करने की तीव्र इच्छा है |

अतिथियों ने बहुत सुन्दर विचार व्यक्त किये ,वर्त्तमान समय बुजुर्गो की स्थिति का स्पष्ट विवरण किया |गोपाल शर्माजी ने कहा सुखी रहना है तो तीन सिद्धांत मन्त्र के रूप में याद कर लो –

१.किसी को कुछ बोलो नहीं 2.किसी को तोको नहीं ३. किसीसे उम्मीद नहीं रखो |

ब्रह्मा कुमारी सरिता दीदी ने कहा हम कभी अपने को रिटायर्ड न समझे |अभी तक का जीवन तो हमारा व्यवस्था में ही गुजर गया ,असली आनंद लेने का समय तो अभी आ गया है |60 वर्ष के बाद हमें अपनी अवस्था को बनाने का टाइम मिल जाता है |जितना बड़ा वृक्ष होता है उसे अपने आंगन में ही रहने दीजिये ,वो फल नहीं डे रहा है लेकिन छाया तो दे रहा है | हमारे बड़े वयोवृद्ध हमें दौलत नहीं देंगे लेकिन संस्कार तो अवश्य ही देंगे |संस्कारो से हमारा संसार अच्छा बनता है |

ब्रह्मा कुमार प्रशांत भाई ने बहुत सुन्दर गीतों के साथ सभी को बैलेंस ऐक्सर साईज कराई | भ्राता सुरजीत नवदीप जी ने स्वरचित किताब “ बुढ़ापा जिंदाबाद “ बहनजी को भेट की |

कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मा कुमारी प्राजक्ता बहन ने किया |

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Source: BK Global News Feed

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