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यौगिक खेती समाचार

कादमा (हरियाणा):–योग शक्ति से फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ती तथा सात्विक और ताकतवर अन्न का निर्माण कर किसान अपने मन, वाणी, कर्म को संपूर्ण पवित्र तथा शक्तिशाली बना सकता है यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा के तत्वावधान में कान्हड़ा गांव में ब्रह्माकुमार प्रदीप के खेत में “शाश्वत यौगिक खेती का आधार राजयोग” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि शाश्वत यौगिक खेती कम खर्च में अधिक तथा गुणवत्ता युक्त पद्धति है। यदि किसान यौगिक खेती को अपनाएं तो योग द्वारा अविनाशी प्रकाशमय  परमात्मा के पवित्र प्रकंपन से फसलों की उत्पादन क्षमता तथा गुणवत्ता अवश्य ही बढ़ेगी।
 ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा की हम जैविक खाद का प्रयोग करते हुए राजयोग मेडिटेशन का प्रयोग फसल पर कार अपने तन ,मन को स्वस्थ बना भारत देश को सुखी समृद्ध बना सकते हैं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने कहा कि हमारे संकल्पों का बहुत महत्व है जैसे संकल्प होंगे वैसी ही सृष्टि होगी। हमारे एक एक संकल्प का प्रभाव प्रकृति और पांचों तत्वों पर पड़ता है इसलिए खेती में राजयोग का प्रयोग कर हम अपने गांव समाज को स्वस्थ सुखी स्वच्छ बना सकते हैं। इस मौके पर ब्रह्माकुमार भाई बहनों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर  फसलों पर पवित्र श्रेष्ठ संकल्पों के वायब्रेशन फैलाए। ब्रह्माकुमार प्रदीप ने कहा कि हम पूर्णता शाश्वत यौगिक कृषि पद्धति को अपने खेत में अपना इस क्षेत्र के लिए उदाहरण मूर्त बनेंगे।

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Source: BK Global News Feed

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