Uncategorized

प्रेस-विज्ञप्ति – भगवान हर संबंध से निभाते हैं हमारा साथ – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सादर-प्रकाशनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
भगवान हर संबंध से निभाते हैं हमारा साथ  – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ग्रामवासी भाई-बहनों के साथ भाई-दूज व दीवाली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन
छत्तीसगढ़ी में मंजू दीदी व रूपा बहन ने दिया व्याख्यान

https://youtu.be/r5dyXbLpMgI

#gallery-1 {
margin: auto;
}
#gallery-1 .gallery-item {
float: left;
margin-top: 10px;
text-align: center;
width: 33%;
}
#gallery-1 img {
border: 2px solid #cfcfcf;
}
#gallery-1 .gallery-caption {
margin-left: 0;
}
/* see gallery_shortcode() in wp-includes/media.php */

#gallery-2 {
margin: auto;
}
#gallery-2 .gallery-item {
float: left;
margin-top: 10px;
text-align: center;
width: 33%;
}
#gallery-2 img {
border: 2px solid #cfcfcf;
}
#gallery-2 .gallery-caption {
margin-left: 0;
}
/* see gallery_shortcode() in wp-includes/media.php */

बिलासपुर टिकरापारा :- भगवान हर संबंध से हमारा साथ निभाते हैं। आवश्यकता है उनसे अपना संबंध जोड़़ने की। हम भक्ति करते यह गीत गाते तो हैं कि त्वमेव माताष्च पिता त्वमेव…। लेकिन अंदर स्वयं का परीक्षण करें कि क्या वाकई हमने भगवान को सर्व संबंधों से याद किया है। ज्यादातर हम भक्त और भगवान के संबंध से उनको याद करते हैं। लेकिन यदि भगवान का साथ चाहिए तो हमें उन्हें माता, पिता, भाई, दोस्त, संतान, गुरू आदि सभी संबंध जोड़कर उन्हें याद करना होगा।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में ग्रामवासी भाई-बहनों के लिए आयोजित दीपावली व भाई-दूज स्नेह मिलन कार्यक्रम में आसपास के गांव से आए हुए साधकों को संबोधित करते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजूदीदी जी ने कही। आपने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि भगवान को भाई के रूप में याद करने से सुरक्षा का अनुभव होता है।
सहयोग षक्ति से होगी विष्व में शान्ति की स्थापना…ब्र.कु. रूपा बहन
दीवाली के पांचों दिनों का महत्व छत्तीसगढ़ी भाषा में बताते हुए राजकिशोरनगर सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. रूपा बहन ने कहा कि हम भगवान के आगे जो कहते हैं कि तन-मन-धन सब कुछ तेरा, तेरा तुझको अर्पण, इसे सार्थक करना ही वास्तविक धनतेरस है क्योंकि ये शब्द तो हम कह देते लेकिन मन के अंदर मैं पन, मेरापन रहता है। सब कुछ भगवान का दिया हुआ मानकर उपभोग व उपयोग करेंगे तो चिंता व तनाव से मुक्त हल्के रहेंगे।
नर्क में जाने से बचने के लिए शरीर की सुंदरता नहीं आत्मा की सुंदरता का खयाल रखना जरूरी है अर्थात् मन-बुद्धि अंदर-बाहर से साफ हो और जिसका मन साफ होता है वहीं सर्व प्राप्ति होती है, मां लक्ष्मी का वास होता है और सच्ची दीवाली मनती है। गोवर्धन पूजा अहंकार न करने, नारी का सम्मान करने, अच्छी दृष्टि रखने व अच्छे कार्यों में सहयोग देने का संदेश देता है। सहयोग शक्ति से कलयुग रूपी दुख का पहाड़ उठ जाएगा और विश्व में शान्ति स्थापित हो जाएगी।
इस अवसर पर सेवाकेन्द्र की बहन ब्रह्माकुमारी नीता ने ‘दीपावली मनायी सुहानी…’ गीत पर व गौरी बहन ने ‘आज उनसे मिलना है हमें…’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। अंत में गांव से पधारे सभी भाई-बहनों को तिलक लगाकर प्रसाद दिया गया।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

Source: BK Global News Feed

Comment here