Uncategorized

अपने मन को सच्चा साथी बनाकर उससे दिल की बातें करें… ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी

सादर प्रकाशनार्थ

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट्यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –

अपने मन को सच्चा साथी बनाकर उससे दिल की बातें करें… ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी

रायपुर, 19 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी ने कहा कि हमारी सफलता में हमारे मन की अहम भूमिका होती है। जीवन में सफल होने के लिए अपने मन को अपना सच्चा दोस्त बना लें। अपने मन से दिल की बातें कर हल्के हो जाएं। इससे ज्यादा वफादार और सच्चा साथी आपको कहीं नहीं मिलेगा।

ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट्यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था: मन को अपना सच्चा मित्र बनाएं। इस वेबसीरिज का प्रसारण शान्ति सरोवर रायपुर के चैनल पर किया जाता है।

ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी ने बतलाया कि मन एक विचार करने की शक्ति है। विचार हमारे बीज का काम करते हैं। इसी के अनुरूप परिणाम मिलते हैं। नकारात्मक विचार हमें दुखी करते हैं जबकि सकारात्मक विचार खुशी प्रदान करते हैं। हमारे विचारों में बहुत ताकत होती है। सर एडमण्ड हिलेरी माउण्ट एवरेस्ट पर चढऩे वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने जब माउण्ट एवरेस्ट को फतह करने का निर्णय लिया तो पहली बार में वह असफल हो गए थे। बाद में वह माउण्ट एवरेस्ट पर चढऩे में सफल रहे। इस सफलता के पीछे उनका सच्चा साथी उनका मन था। इसी प्रकार हमें भी अपने मन को अपना सच्चा दोस्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि मन व्यवस्थित है तो हर काम व्यवस्थित होता है। मन के अव्यवस्थित होने से हमारा काम बिगड़ जाता है। यह मन ही है जो कि हमें शक्ति देता है। दोस्त की निशानी होती हैं कि उससे मिलने पर हमें खुशी मिलती है। तनाव दूर हो जाता है। हमारा आत्म विश्वास बढ़ जाता है। उससे मिलकर सुकून मिलता है। सच्चा दोस्त हमें हर अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करता है। अब हमें अपने आपके लिए समय निकालना है। दस-पन्द्रह मिनट समय निकालकर अपने से बातें करें।

उन्होंने कहा कि दूसरे लोग हमारे बारे में क्या कहते हैं उसका जरा भी ख्याल न करें। लोग तो आपको नीचा दिखाने के लिए कमेन्ट करेंगे। लेकिन उन बातों से आपकी खुशी गुम नहीं हो। महान गायिका लता मंगेशकर जी को शुरू में नकार दिया गया था किन्तु उन्होंने हार नहीं मानी। लोगों की परवाह न करके अपनी साधना जारी रखी और आज सारी दुनिया उन्हें स्वर कोकिला के रूप में जानती है। इस प्रकार हमारी सफलता में हमारे मन की बहुत ही अहम भूमिका होती है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254


सबका भला हो, सब सुख पाएं

Source: BK Global News Feed

Comment here