Uncategorized

व्यक्तित्व विकास के लिए जीवन का लक्ष्य निर्धारत करना जरूरी… ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी

सादर प्रकाशनार्थ

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट्यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –

व्यक्तित्व विकास के लिए जीवन का लक्ष्य निर्धारत करना जरूरी… ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी

रायपुर, 18 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने कहा कि व्यक्तित्व का विकास करने के लिए अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। लक्ष्य बनाकर चलने से ही जीवन में कुछ अर्जित कर सकते हैं। लक्ष्यहीन जीवन न हो।

ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट्यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था: व्यक्तित्व विकास। इस वेबसीरिज का प्रसारण शान्ति सरोवर रायपुर के चैनल पर किया जाता है।

ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने बतलाया कि व्यक्तित्व के दो पहलू हैं। बाह्य और आन्तरिक व्यक्तित्व। आजकल लोग बाहरी व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। शरीर को सुन्दर बनाने पर पूरा ध्यान रहता है लेकिन आन्तरिक रूप से खोखले हो गए है। अन्तर्मन की सुन्दरता पर जरा भी ध्यान नहीं है। अन्तर्मन को स्वस्थ और सुन्दर बनाने के लिए आत्म विश्वास का होना जरूरी है। यदि खुद पर विश्वास नहीं है तो दुनिया की कोई ताकत उससे वह कार्य नहीं करा सकेगा।

उन्होंने कहा कि हमेशा समझिए कि मैं बहुत अच्छा हूँ और परमात्मा ने मुझे कोई विशेष कार्य करने के लिए धरती पर भेजा है। हमें किसी की जेराक्स कापी नहीं बनना है। इसलिए किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है। आप जैसे हैं अच्छे हैं। व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिए अच्छे श्रोता बनिए। जब हम सुनना शुरू करते हैं तो बहुत सारी बातें जानने के लिए मिलती है। जो बात हमारे काम की नहीं है उस पर ध्यान न दें। उसे अवाइड करें। किसी ने खूब कहा है कि जिन्दगी को बहुत आसान कर दिया, किसी से माफी मांग ली और किसी को माफ कर दिया। इसके साथ ही हमें अच्छे वक्ता होना चाहिए। बोलना उतना महत्वपूर्ण नहीं है किन्तु क्या बोल रहे हैं वह ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमारे बाल में मिठास होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आकर्षक व्यक्तित्व बनाने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनना होगा। हमारे मन में अनगिनत विचार उत्पन्न होते हैं। हमें उनका दमन नहीं करना है। लेकिन मन को सुमन बनाना है। हजारों संकल्पों को शान्त करना मुश्किल है। लेकिन इन्हें सही दिशा दी जा सकती है। दिनचर्या में कुछ नवीनता हो नहीं तो वह नीरस हो जाएगा। नया करने से जीवन में उमंग उत्साह आएगा। अभी लॉकडाउन के दौरान बहुत से लोगों ने समय का सदुपयोग कर नई बातें सीखी। लेकिन बहुत से लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। डिप्रेशन से बचने के लिए जैसे मोबाईल को रोज चार्ज करना होता है उसी प्रकार मेडिटेशन से मन को शक्तिशाली बनाने की जरूरत है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254

सबका भला हो, सब सुख पाएं

Source: BK Global News Feed

Comment here