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आत्मा और परमात्मा का मिलन ही राजयोग… ब्रह्माकुमारी भूमिका दीदी

सादर प्रकाशनार्थ

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट््यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –

आत्मा और परमात्मा का मिलन ही राजयोग… ब्रह्माकुमारी भूमिका दीदी

रायपुर, 14 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी भूमिका दीदी ने कहा कि आत्मा का सम्बन्ध परमात्मा से जोडऩा ही राजयोग कहलाता है। चूंकि परमात्मा ही गुणों और शक्तियों का अविनाशी स्त्रोत हैं। अत: उनकी याद से हमें न सिर्फ सच्ची खुशी मिलती है वरन् हमारे जीवन से रोग और शोक भी मिट जाते हैं। सभी योगों में श्रेष्ठï होने के कारण ही इसे राजयोग कहा जाता है।

ब्रह्माकुमारी भूमिका दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट््यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था: राजयोग का चमत्कार। इस वेबसीरिज का प्रसारण शान्ति सरोवर रायपुर चैनल पर किया जाता है।

ब्रह्माकुमारी भूमिका दीदी ने बतलाया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी जानकी जी ने अपनी योग की उपलब्धियों से दुनिया भर के वैज्ञानिकों को आश्चर्य चकित कर दिया था। आस्ट्रेलिया की युनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न, अमेरिका की युनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, सेनफ्रान्सिस्को की युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया जैसी प्रख्यात संस्थाओं ने वैज्ञानिक परीक्षण में देखा कि परस्पर वार्तालाप करते हुए तथा गणितीय प्रश्नों का समाधान करते हुए भी दादी जानकी जी के मस्तिष्क से डेल्टा तरंगें ही प्रवाहित होती हैं। जबकि सामान्यत: गहन विश्राम अथवा निद्रा की अवस्था में ही डेल्टा तरंगे (Slowest Brain Waves) निकलती हैं। इस प्रकार का परीक्षण वैज्ञानिकों ने विभिन्न योगियों के साथ किया किन्तु कहीं पर भी ऐसा अद्भुत परिणाम देखने को नहीं मिला। फलस्वरूप वैज्ञानिकों ने दादी जानकी को विश्व की सर्वाधिक स्थिर चित्त (Most Stable Mind in the World) महिला घोषित किया था।

उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन में हम सेल्फ रियलाईजेशन करते हैं। स्वयं को जानते हैं। हम शरीर को चलाने वाली एक चैतन्य शक्ति आत्मा हैं। परमात्मा की सन्तान हैं। हम राजयोग के माध्यम से आत्मा का सम्बन्ध परमात्मा से जोड़कर सुख, शान्ति, आनन्द, प्रेम आदि आत्मा के निजी गुणों की अनुभूति कर सकते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि नेचर एण्ड सिग्नेचर नेवर चेन्ज। लेकिन राजयोग ऐसा योग है जिससे हम अपने अन्दर परिवर्तन ला सकते हैं। निर्विकारी बनकर सुखमय जीवन बना सकते हैं। स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन होता है।

उन्होंने कहा कि यदि संकल्पों को साध लिया जाए तो चमत्कार हो सकता है। संकल्पों को साधने का ही नाम है राजयोग मेडिटेशन। राजयोग से अतिइन्द्रीय सुख की अनुभूति होती है। राजयोग हमें परमात्मा के निकट ले जाता है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254


सबका भला हो, सब सुख पाएं

Source: BK Global News Feed

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