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ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट््यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज का दूसरा दिन-

सादर प्रकाशनार्थ

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट््यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज का दूसरा दिन-

अपने जीवन में तनाव के लिए हम स्वयं जिम्मेदार – ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी

रायपुर, 07 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी ने कहा कि जीवन में तनाव के लिए हम स्वयं ही जिम्मेदार होते हैं। उसका प्रमुख कारण है विभिन्न घटनाओं के प्रति हमारा नकारात्मक दृष्टिकोण।

ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू -ट््यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन व्याख्यानमाला (वेबसीरिज) एक नई सोच की ओर (Towards a new thinking) में बोल रही थीं। विषय था- तनावमुक्त जीवन जीने का तरीका (Ways to stress free life)।

उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको उन चीजों और व्यक्तियों की सूची बनाने के लिए कहा जाए जो कि आपको तनाव में ले आते हैंं। तो एक बहुत बड़ी सूची बन सकती है। किन्तु अगर गहराई से विचार करें तो उस सूची में सबसे पहले हमारा खुद का नाम आना चाहिए? क्योंकि अपने जीवन में तनाव के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि परिस्थिति कितनी भी विपरीत क्यों न हो जाएं यदि हमारी स्वस्थिति ठीक होगी तो तनाव नहीं हो सकता। हमारी निगेटिव सोच ही तनाव पैदा करती हैं। कई लोग मानते हैं कि तनाव नैचुरल है लेकिन सच यह है कि यह हमारे द्वारा ही पैदा किया गया एक दु:ख का कारण है। एक बात और कि जहाँ भय और असुरक्षा की भावना होगी वहाँ खुशी नहीं रह सकती है। कोई वस्तु अथवा वैभव हमें खुशी प्रदान नहीं कर सकती हैं। तनाव हमारी निर्णय क्षमता को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए कोई महत्वपूर्ण निर्णय करने से पहले स्वयं को शान्त कर फिर निर्णय करना चाहिए।

उन्होंने बतलाया कि हम यदि तनाव से मुक्त जीवन जीना चाहते हैं तो हमें आत्म निर्भर बनने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों पर निर्भर रहने के कारणजब कोई कार्य समय पर और ठीक से नहीं हो पाता तो उससे भी तनाव पैदा हो जाता है। इसके अलावा बीती बातों का चिन्तन न करें। जो बीत गया सो बीत गया अब उसे याद कर दु:खी न हों। किसी के प्रति दुराग्रही न बनें। आशावादी बनें। दूसरों से अपनी तुलना न करें। सदैव समझें कि आप दुनिया में इकलौते हैं। आपकी तरह दुनिया में और कोई नहीं है।

उन्होंने बतलाया कि तनाव एक सन्देशवाहक है जो कि हमें सन्देश देता है कि अब अपने में परिवर्तन करो। समय सदैव हमसे परिवर्तन की मांग करता है। कहते हैं कि समय बड़ा बलवान है। समय सब सिखा देता है। अगर समय पर सीखकर परिवर्तन कर लिया तो बहुत अच्छा। वरना वह हमें दर्द का अहसास करा देता है। अगर एक बार समय हाथ से निकल गया तो उसे मैनेज करना बहुत मुश्किल होता है। अन्त में उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के द्वारा शान्ति की अनुभूति कराई।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254


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Source: BK Global News Feed

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