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मुरली

मुरली पढ़ने में ना
करो लापरवाही
धारणा की मुख्य बातें
आज बाबा ने बतायी

एकांत में बैठ अपने
आप से बातें करो
हम अविनाशी आत्मा बाप से
सुनती यह प्रैक्टिस करो
मुखड़ा देखना है अपना दर्पण में
कितने अलबेले है हम जीवन मे
अलबेले बच्चों की निशानी है बताई
ज्ञान की करते है लबार
याद बिल्कुल ना समाई
देही अभिमानी बच्चें ही
याद का चार्ट रखेंगे
सवेरे उठ अपने को आत्मा
समझ बाप से रूह रिहान करेंगे
तमोप्रधान से सतोप्रधान
अगर है बनना हम आत्मा है
इस अवस्था को मजबूत है रखना
अंतर्मुखता के गुण को समाइये
बाबा को पंडित और
लबाड़ी बच्चें नही चाहिए
जिन बच्चों को फुरना है
हम ही सतोप्रधान बनेंगे
उनके मुख से कभी
पत्थर नही निकलेंगे
छिपाएंगे नही,क्षमा करेंगे
कोई भूल हुई तो झट
बाप को रिपोर्ट करेंगे
अपने कल्याण की जानो रियलिटी
हम पर है बड़ी रेस्पांसिबलिटी
सच्ची रचना का बाप सच्चा रचनाकार
सच से होती जीत झूठ से होती हार
ज्ञान अच्छा सुनाते अच्छे पुरुषार्थी
इतने में खुश नही होंगे
साथ में योग, मैनर्स धारण कर बहुत मीठे ,किसी को दुख नही देंगे
जिन बच्चों को न्यारे, प्यारे
निरसंकल्प रहने का है वरदान
उनके लिए सर्व के दिलों में
स्वतः ही प्यार का स्थान
अनेको की सेवा के निमित्त
वो बन जाते सदा संतुष्ट रह
हर कार्य मे सहज सफलता पाते
एक “बाबा” है सर्व खजानो
की चाबी जो हमने है पाई
इसे सदा संभाल कर रखो मेरे भाई।

🙏ओम शांति जी🙏

 

Source: BK Global News Feed

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