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Shiv Jyanti

राजयोगिनी ज्योति बहन ने शिवरात्रि का संदेश देते हुए कहा कि शिवरात्रि के दिन भगत उपवास करते हैं , शिव भगवान प्रसन्न हो परंतु जब तक मनुष्य इन विकारों को त्याग कर आत्मिक स्मृति को जगाने का जागरण नहीं करता तब तक शिव भगवान प्रसन्न नहीं होते l शिवरात्रि का अर्थ है अंधकार मिटा कर प्रकाश देने वाली रात्रि परमात्मा शिव कलियुगरूपी रात्रि के समय अवतरित होकर नईदुनिया सतयुग का निर्माण कर रहे हैं इसके पश्चात गीतकार विजय भाई ने शिव महिमा के गीतों द्वारा भगवान शिव याद में भाव विभोर कर दियाl इस मौके पर शिव पिता के ज्योति बिंदु शिव का ध्वज लहराया गया और शिव संदेश देते हुए गुब्बारे भी उड़ाए गए l साथ साथ कुमारी में गीत “शिव अनादि है शिव अनंत “के गीत पर नृत्य प्रस्तुति दी l सत्य की खोज नाटक द्वारा शिव संदेश भी दिया गया l बहन स्वर्णा ने सभी उपस्थित गणों को शिवरात्रि की शुभकामना देते हुए सौगात भेंट की l बहन मनु और भाई प्रशांत ने संस्था का परिचय देते हुए संस्था की सेवाओं से अवगत कराया l सभी उपस्थित गणों ने संस्था की खूब सराहना कर धन्यवाद दिया

Source: BK Global News Feed

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