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Delhi ORC-Women Empowerment Programme – महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन

 

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा हुआ महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन

एक श्रेष्ठ समाज का आधार महिलाओं का सम्मान – मीरा कुमार

बिना आध्यात्मिकता के भौतिक प्रगति प्राण विहीन है

०३ मार्च २०२०, गुरूग्राम

नारी शक्ति स्वरूपा है। नारी में वो सारे गुण मौजूद हैं जो हर परिस्थिति में परोक्ष या अपरोक्ष रूप से उसे समस्या से जूझने में सक्षम बनाते हैं। उक्त विचार लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष माननीय मीरा कुमार ने ब्रह्माकुमारीज़ के भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में व्यक्त किये। महिलाओं के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में ‘महिला समाज परिवर्तन का आधार’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दस दिशाएं होती हैं जो बाहर की ओर इशारा करती हैं लेकिन ११वीं दिशा ऐसी है जो व्यक्ति को उसके भीतर ले जाती है। उन्होंने कहा कि नारी वास्तव में दुर्गा का स्वरूप है। भारतीय स्वतंत्रता के आंदोलन में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि बुराईयों से मुक्त करने में अगर किसी में कोई शक्ति है तो वो केवल एक मां में है। उन्होंने कहा कि एक अच्छे समाज की निशानी, उसमें हो रहे महिलाओं के सम्मान से होती है।

इस अवसर पर त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त रोजर गोपेन ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा समूचे विश्व में नारी सशक्तिकरण का सराहनीय कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं दक्षिण अफ्रिका से संस्था के संपर्क में आया। उन्होंने कहा कि यहाँ पर दी जा रही शिक्षाएं विश्व परिवर्तन का आधार हैं।

ओ.आ.सी की निदेशिका आशा दीदी ने कहा कि कोई भी संसार का उत्थान महज आर्थिक रूप से ही संभव नहीं है अपितु उसके लिए चारीत्रिक, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का होना परम आवश्यक है। इन मूल्यों के बिना भौतिक प्रगति तो ऐसे ही है, जैसे बिना प्राणों के शरीर।

इस अवसर पर विशेष रूप से सुप्रसिद्ध मोटीवेशनल स्पीकर बी.के.शिवानी ने एक परिवारिक परिवर्तन में मां की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक बच्चा जो ९ महीने तक मां के गर्भ में रहता है, उस पर माँ के खान-पान और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि मां का जीवन जितना सुखद और श्रेष्ठ होगा वैसे ही उसकी होने वाली संतान भी होगी। उन्होंने कहा कि मां का दूसरा कर्तव्य भोजन के द्वारा पालना है। हम जिन विचारों में रहकर भोजन बनाते हैं, वैसा ही उसका प्रभाव खाने वालों पर पड़ता है। अगर हम भोजन प्रसाद के रूप में ईश्वरीय स्मृति में बनाते हैं तो उसका शक्तिशाली असर होता है।

कार्यक्रम में एमिटी विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति पदमाकली ने भी अपनी शुभ कामनाएं व्यक्त की।

ब्रह्माकुमारीज़ के मलेशिया सेवाकेन्द्रों की निदेशक बी.के.मीरा ने योग का अनुभव कराते हुए कहा कि मन को सकारात्मक एवं पवित्र विचारों की तरफ ले जाना ही योग है। उन्होंने कहा कि मन को अमन और दमन करने के बजाए सुमन बनाएं। कार्यक्रम में काफी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन बी.के.विधात्री ने किया।

कैप्शन- १.बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, त्रिनिदाद और टोबैको के उच्चायुक्त रोजर गोपेन, ओ.आर.सी की निदेशिका बी.के.आशा, एमिटी विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति पदमाकली एवं अन्य।
२. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार

३. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए बी.के.आशा        ४. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए बी.के.शिवानी

५. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए बी.के.मीरा

 ६. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए त्रिनिदाद और टोबैको के उच्चायुक्त रोजर गोपेन

७. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए एमिटी विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति पदमाकली

८. बह्माकुमारीज़ के ओ.ओर.सी में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभा।

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Source: BK Global News Feed

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