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बीकानेर – ’’जीवन का आधार-गीता का सार’’ विषयक प्रवचनमाला — गीता किताब नहीं इसमें जीवन का सार है – केन्द्रीय भारी उद्योग व संसदीय कार्यमंत्री, अर्जुनराम मेघवाल

’’जीवन का आधार-गीता का सार’’ विषयक प्रवचनमाला का दीप जलाकर शुभारम्भ करते हुए अतिथिगण

बीकानेर -गीता किताब नहीं इसमें जीवन का सार है – केन्द्रीय भारी उद्योग व संसदीय कार्यमंत्री, अर्जुनराम मेघवाल
बीकानेर में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राजयोगिनी बी.के. उषा का
जीवन का आधार-गीता का सार विषयक प्रवचन माला
तीनों दिन सुधि श्रोता श्रीमद् भगवद्गीता के ज्ञान में खोए

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र सार्दुलगंज की ओर से ’सहज राजयोग से स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन’’ विषयान्तर्गत 22 से 24 फरवरी तक बीकानेर (राजस्थान) वेटरनरी विश्व विद्यालय प्रेक्षागृह में ’’जीवन का आधार-गीता का सार’’ विषयक प्रवचनमाला आयोजित की गई।  मुख्य वक्ता देश-विदेश में गीता प्रवचनों के लिए विख्यात राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने तीनों दिन सहज, सरल भाषा में अपनी मधुरवाणी से भगवत गीता के ज्ञान व मर्म को एनिमेटेड स्लाईड शो के माध्यम से प्रस्तुत किया। बीकानेर के प्रबुद्ध नागरिकों ने तीनों दिन गीता के ज्ञान को तन्मयता व आत्मियता से सुना तथा विशिष्ट प्रवचनों पर करतल ध्वनि से दाद दी। बी.के.उषा बहन ने गीता के ज्ञान को वर्तमान समय व परिस्थिति से जोड़ते हुए सभी श्रोताओं को मंत्र मुग्ध सुनने के लिए मजबूर कर दिया। अधिकतर श्रोता शिक्षित वर्ग के होने के कारण उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि गीता का ऐसा सुबोध, सहज व सार्थक प्रवचन उन्होंने पहली बार सुना है।
प्रवचन माला के प्रथम दिन 22 फरवरी 2020 को वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में शाम पांच बजे उद्घाटन सत्र के बाद ’’ अर्जुन का विषाद योगः वर्तमान संसार में भटका मनुष्य मन’’ विषय पर उन्होंने प्रवचन किया। प्रवचनमाला का उद्घाटन बी.के.उषा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय केन्द्र प्रभारी बी.के.कमल, नगर निगम बीकानेर की महापौर (बीकानेर की प्रथम नागरिक) सुशीला कंवर राजपुरोहित, बीकाजी ग्रुप के प्रमुख शिव रतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू, कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ.शंकर लाल जाखड़, सर्जन डाॅ.आर.के.काजला, न्यूरोसर्जन डाॅ.एल.एन.अग्रवाल, डाॅ.वेदप्रकाश गोयल,डाॅ. सी.ई.टी. काॅलेज के प्राचार्य एस.के.बंसल और जैन व रामपुरिया महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डाॅ.शुक्ला बाला पुरोहित ने दीप प्रज्जवलन से किया।
पैतीस वर्षों से मानव सेवा के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्व विद्यालय, माउंट आबू में प्रभु समर्पित बी.के.उषा दीदी ने प्रथम दिन प्रवचन में कहा कि गीता में व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और वैश्विक समस्या का समाधान है। महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ टैगोर व स्वामी विवेकानंद आदि महापुरुषों ने जीवन में गीता को अपनाकर महानता के शिखर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मोबाइल शकुनि के रूप में घर-घर में पहुंच गया है। मोबाइल से बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों की मानसिकता विकृृत हो रही है।  लोग एडिक्शन व पागलपन और अनेक बुराइयों से ग्रसित हो रहे है। मोबाइल से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए अनेक देशों कें सेंटर भी स्थापित हो गए है। मोबाइल आने वाली पीढ़ी को संस्कारों से दूर कर दूराचार बढ़ा रहा है।
प्रवचनमाला के दूसरे दिन 23 फरवरी को ’’गीता वर्णित सांख्य योगः आत्मज्ञान और स्थित प्रज्ञ’’ विषय पर अपना ओजस्वी व्याख्यान दिया। उन्होंने भगवद्गीता के विभिन्न अध्यायों का वर्णन करते हुए कहा कि गीता के गूढ़ रहस्यांें को समझे, जाने व उसके अनुसार जीवन बनाएं। गीता ज्ञान मन को शक्ति देता है  और परमात्मा के प्रति निष्काम भक्ति जागृृत करता है। मानसिक विकृृतियों व कमजोरियों को दूर कर अविनाशी आत्मा के चेतन स्वरूप को प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि सारे वेदों व उप निषदों का सार गीता में है।
दूसरे दिन प्रवचन माला में इन्होंने किया दीप प्रज्जवलन- प्रवचनमाला के प्रारंभ मंें बी.के. कमल, बी.के.उषा, डाॅ. डाॅ. राजेश धूड़िया, डाॅ.दीपिका धूड़िया,एडवोकेट हरीश मदान, श्रीमती सुनीता गौड़, पुष्पा गोयल, डाॅ.एन.के.पारीक,काजरी के प्रमुख डाॅ.एन.डी.यादव, भारत विकास परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के डाॅ.एस.एन.हर्ष, डाॅ.बसंती हर्ष, व राजेश कुमार धूड़िया ने दीप प्रज्जवलित किया।
  प्रवचन माला के अंतिम दिन सम्मान
प्रवचन माला के अंतिम दिन 24 फरवरी को बी.के.उषा ने ’’भगवद् दर्शन का वास्तविक स्वरूप’’ विषय पर तात्विक प्रवचन दिए। समारोह में केन्द्रीय भारी उद्योग व संसदीय कार्य मंत्री, बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल, बी.के.कमल ने प्रशस्ति पत्र से बी.के.उषा बहन का सम्मान किया। बी.के.उषा ने कहा कि गीता प्रेम, कर्तव्य, धीरज, संतोष, शांति, सिद्धि और मोक्ष प्राप्ति का उपदेश दिया गया है। गीता हमें जीवन के शत्रुओं से लड़ना सिखाती है और ईश्वर से एक गहरा नाता जोड़ने में मदद करती है। कर्म को महत्व देने वाली गीताजी हमें अहंकार, ईष्र्या व लोभ आदि का त्याग कर मानवता को अपनाने का संदेश देती है। दिव्य ज्योति बिन्दु स्वरूप आत्मा के सात गुणों को आत्मसात करें तथा अपने में व्याप्त बुराइयों को दूर करें।
मुख्य अतिथि भारी उद्योग व संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका व जापान सहित अनेक देशों के राष्टपतियों को श्रीमद्् भगवद गीता भेंट कर भारतीय इस ग्रंथ की विशिष्टता भारत की धर्म, आध्यात्म व   संस्कृति को प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि गीता किताब नहीं इसमें जीवन का सार है।
  इस अवसर पर पूर्व शहर भाजपा अध्यक्ष डाॅ.सत्य प्रकाश आचार्य, मोहन सुराणा, डाॅ.एस.एन.हर्ष, डाॅ.महेन्द्र, डाॅ.दाधीच, डाॅ.एल.एन.अग्रवाल,मोहर सिंह यादव, मनोज कुमार मूलचंदानी, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के पूर्व मुख्य अभियंता किशन जाखड़, व्यापार उद्योग मंडल के उपाध्यक्ष सुशील बंसल, व एस.के.बंसल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। सेवानिवृृत शिक्षा विभाग की अधिकारी सुमन सिंह ने आयोजन के महत्व को उजागर किया। तीनों दिन नन्हीं बालिका मोक्षा गहलोत, तन्वी गहलोत, मीनू, रीया, भूमि, लक्ष्य, लवी, नेत्रा, शबनम, चाहत व तपस्या ने स्वागतगीत, और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय के आध्यात्मिक गीतों  पर नृत्य किया। क्षेत्रीय केन्द्र प्रभारी बी.के.कमल ने सभी का आभार जताया।

Source: BK Global News Feed

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