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आध्यात्मिक सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाई जा रही है पिताश्री ब्रह्माबाबा की जयंती

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
आध्यात्मिक सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाई जा रही है पिताश्री ब्रह्माबाबा की जयंती
प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 143वीं जयंती

बिलासपुर, टिकरापाराः- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 143वां जन्म दिन ’आध्यात्मिक सशक्तिकरण दिवस’ (Spiritual Empowerment Day) के रूप में मनाया जायेगा। प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का जन्म 15 दिसम्बर 1876 को हैदराबाद सिंध में हुआ था। इसके लिए संस्था के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन (माउंट आबू) सहित विश्व के 140 देशों में हजारों कार्यक्रम आयोजित कर ‘हम सब एक पिता परमात्मा’ की संतान है का संदेश दिया जायेगा।  इस अवसर पर देश विदेश के सभी सेवाकेन्द्रों पर अनेकों कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राजयोग, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यक्रम शामिल होंगे। इस अवसर पर टिकरापारा में भी रविवार प्रातः 7 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान में जुडऩे वाले प्रत्येक भाई को ब्रह्माकुमार तथा बहनों को ब्रह्माकुमारी कहा जाता है। पूरे विश्व में करीब बीस लाख लोग ब्रह्मा बाबा के पदचिन्हों पर चलकर अपना जीवन श्रेष्ठ बना रहे हैं। ब्रह्मा बाबा ने माताओं बहनों को आगे करते हुए संस्था को आगे बढ़ाया।
प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के बचपन का नाम दादा लेखराज था। वे बचपन से ही बहुत धर्म परायण तथा भक्ति भाव में लीन रहते थे। 60 वर्ष की आयु में उनके तन में परमात्मा शिव की प्रवेशता हुई और परमात्मा षिव ने नयी दुनिया की स्थापना का रहस्य समझाया। नयी दुनिया की स्थापना अर्थ परमात्मा शिव ने इनका नाम प्रजापिता ब्रह्मा रखा। सन् 1937 में परमपिता परमात्मा ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के द्वारा इस संस्थान की स्थापना की। ब्रह्मा बाबा ने नारी शक्ति के संकल्पों को साकार करते हुए माताओं बहनों के सिर पर ज्ञान का कलश रखा और इस संस्थान का नाम ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय पड़ा। आज पूरे विश्व के 140 देशों में आठ हजार सेवाकेन्द्रों का संचालन बहनों और माताओं द्वारा ही होता है।

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संस्था की चीफ 103 वर्षीय दादी जानकी जी के आगमन पर आध्यात्मिक महाकुम्भ 20 को

मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि संस्था के छ.ग. व इंदौर जोन के गोल्डन जुबिली के अवसर पर संस्था की मुख्य प्रषासिका दादी जानकी जी का रायपुर में 19 दिसम्बर को आगमन हो रहा है। 103 वर्षीय दादी जानकी विष्व के 10 बुद्धिजीवियों में से एक हैं छ.ग. से उनका पुराना रिष्ता रहा है। भारत सरकार ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का ब्राण्ड एम्बेसडर बनाया है। अमेरिका के कैलिफोर्निया विवि द्वारा संसारभर के योगियों पर परीक्षणोपरांत उन्हें ‘मोस्ट स्टेबल माइण्ड इन द वर्ल्ड’ घोषित किया गया है। दादी जी के आगमन पर 20 दिसम्बर को राजधानी के बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में शाम 5 बजे आध्यात्मिक महाकुंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। दादीजी का सानिध्य प्राप्त करने के लिए बिलासपुर के सेवाकेन्द्रों से जुड़े अनेक भाई-बहनें राजधानी पहुंचेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके के द्वारा किया जायेगा। साथ ही इस आध्यात्मिक महाकुंभ के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेष बघेल, छ.ग. विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत सम्मिलित रहेंगे। संस्थान की इलाहाबाद शाखा की संचालिका ब्र.कु. मनोरमा दीदी, मुख्यालय से संस्था के अतिरिक्त महासचिव ब्रह्माकुमार मृत्युंजय भाई एवं ज्ञानामृत पत्रिका के प्रधान संपादक ब्रह्माकुमार आत्मप्रकाष भाई के दिव्य उद्बोधन भी होंगे।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

Source: BK Global News Feed

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