Uncategorized

Brahma Kumaris Mohali Celebrated Diwali with great fanfare

 

ब्रह्माकुमारीज़ ने मोहाली में मनाई उत्साह से दीवाली

दीवाली पर मानवीय मूल्यों से भरपूर करने का लो संकल्प- ब्रह्माकुमारी प्रेमलता

दीपावली पर ज्ञान के दीपक से मिटाओ अज्ञान अंध्कार– ब्रह्माकुमारी रमाा

मोहाली, 27 अक्तूबर: ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन  फेज़ 7 में आज यहां दीपावली का पावन पर्व बहुत ही उमंग-उत्साह व श्रद्वा से मनाया गया  जिसमें मोहाली,  खरड़, कुराली, रोपड़, मोरिंडा व नूरपुर बेदी से भारी संख्या में लोग शामिल हुए । सुख शांति भवन  फेज़ 7 व तपस्या हेतू बनी बाबा की कुटिया व कांफ्रेस हाल को बहुत सुंदर बिजली की रंग बिरंगी लड़ियों  व रंगोलियों से सजाया गया था । इस अवसर पर गीत, नृत्य, सकिट आदि का रंगारंग कार्यक्रम  हुआ तथा वरिष्ठ ब्रह्माकुमारीयों व ब्रह्माकुमारों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया । इस अवसर पर बहुत सुंदर चेतन श्री लक्ष्मी जी की झांकी भी सजाई गई थी ।

मोहाली क्षेत्र के राजयोग केंद्रों की निर्देशिका ब्रह्माकुमारी प्रेमलता बहिन जी ने सर्वप्रथम परमात्मा पिता को भोग स्वीकार कराया तथा अपने उदगार व्यक्त करते कहा कि दीवाली वास्तव में  ज्ञान द्वारा आत्मिक ज्योति जगाने की निशानी है जैसे दीपक जगने से अंध्कार समाप्त हो जाता है वैसे ही ज्ञान के दीपक से अज्ञान का अंध्कार समाप्त हो जाता है । उन्होंने आगे कहा कि आओ हम सभी दिवाली पर अपने में  मानवीय व सामाजिक मूल्य लाने का संकल्प लें ताकि संसार में बढ़ते विकारों व पापों को समाप्त कर सकंे । उन्होंने त्याग, तपस्या व न्स्विार्थ सेवा करने की प्रेरणा दी । उन्होंने इस अवसर पर इलाका निवासियों को कोटि कोटि बधईयां भी दी ।

मोहाली क्षेत्र के राजयोग केंद्रों की सह-निर्देशिका ब्रह्माकुमारी रमा ने इस अवसर पर दीपावली के साथ जुड़ी अनेक मान्यताओं के आध्यात्मिक रहस्यों से अवगत कराया और कहा कि दीवाली पर बाह्य साफ सफाई के साथ साथ मन से घृणा, नफरत, वैर -विरोध्,  दुर्गणों व विकारों  से सफाई करना भी जरूरी है  तभी हमारे मन का दीपक  जग सकेगा  तथा श्री लक्ष्मी हमारे घरों में वास कर सकेगी । उन्होंने आगे कहा कि इस पर्व पर हमें अपने आने वाले सतयुग जैसे स्वभाव व संस्कार धरण करने होंगे तथा सभी के प्रति शुभ भावना व  शुभ कामना रखनी चाहिए तब ही इस संसार में शांति, प्रेम, खुशी, सद्भावना आएगी । उन्होने जोर देकर कहा कि यह कलियुग का अंतिम समय चल रहा है परमात्मा शिव द्वारा दिये ज्ञान व राजयोग को धरण करते स्वयं को निरंअहकारी, कमल फूल समान पवित्रा व अंहिंसक बनाना है ।

कुमारी संजना ने स्वागत नृत्य, कजहेड़ी की कुमारीयों ने ग्रुप डांस व कुमारी वैष्णवी ने कविता से सबका मन मोह लिया ।

 

Source: BK Global News Feed

Comment here