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VISHWA AHINSHA DIWAS 2 OCTOBER

नशा-मुक्ति सप्ताह का शुभारम्भ
अक्षय हास्पिटल के परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर नशा मुक्ति सप्ताह 2से 8 अक्टूबर तक का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित करके किया गया। ब्रह्माकुमार श्याम आबूपर्वत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था का वातावरण ही लोगों को नशा मुक्त बना देता है। संग का रंग लगता है। राजयोग की शिक्षा ही एक ऐसी बूटी है जो हमारे मन को सशक्त बना देती है। आपने कहा कि मैं शक्ति का रहने वाला हूॅ, लेकिन संस्था के अंतर्राष्र्ट्ीय मुख्यालय के ज्ञान सरोवर में लगभग दस वर्षों से समर्पित रूप से अपनी सेवायें दे रहा हूॅ। मैं अपने आपको बड़ा ही खुशनसीब समझता हूॅ कि हमें ईश्वरीय सेवा का भाग्य मिला है। डाॅ. के.सी देबनाथ अक्षय हास्पिटल ने कहा कि आज दो महान विभूतियों का जन्म दिवस और हम सब यहांॅ एकत्रित हुए हैं उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिये। बापू जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। सत्य का षस्त्र इतना बड़ा है कि विज्ञान के शस्त्र भी यहांॅ फैल हो गये। वो समाज को एक राम राज्य की नजर से देखते थे। रामराज्य अर्थात् जहां कोई हिंसा, जातिवाद व भेदभाव न हो। आपने कहा कि हम इलाज करते हैं अपनी पढ़ाई व ज्ञान के आधार से, लेकिन ईश्वर की शक्ति एवं राजयोग के प्रशिक्षण से हम बीमारी से सदा के लिये छुटकारा पा सकते हैं। डाॅ बी.पी.सिन्हा आयुर्वेदिक चिकित्सक ने कहा कि नषा का अर्थ ही है, मौत को निमंत्रण देना। यदि शराब के नषे से छूटना चाहते हैं तो सोंठ का सेवन करें, सौंप खायें तो नशे से छुटकारा मिल सकता है। आपने कहा कि अपने ही घर परिवार से छोटे-छोटे प्रयास करने से ही हमारा समाज नशा मुक्त बन सकेगा। डाॅ. एस.एस. सब्बरवाल ने कहा कि तम्बाकू में 400 रासायनिक तत्व षरीर को नुकसान पंहुचाते हैं। जिसमें निकोटिन ऐसा पदार्थ है जो लत पैदा करता है। पोटेशियम सायनाईड के बाद निकोटिन सबसे जहरीला पदार्थ है, जो कि घातक बीमारी कैन्सर का कारण बनता है। यह नशा हमें मौत की ओर ले जाता है। ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने कहा कि नशा एक पारिवारिक और सामाजिक बुराई है। यह तो जानते हैं कि नशे से होने वाले दुष्परिणाम क्या हैं? लेकिन वे नशे को शान समझते हैं। आपने मन की शांति के लिये राजयोग का अभ्यास कराया। अतिथियों का स्वागत अक्षय हास्पिटल परिवार ने किया तथा मंच का संचालन भ्राता शेखर राम ने किया।

Source: BK Global News Feed

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