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मौत से वो मोहब्बत हो कि आने में भी शरमाऐ..

नीमच : दि 28.9.19   “जियो तो कुछ इस तरह कि जिन्दगी भी इतराऐ… मौत से वो मोहब्बत हो कि आने में भी शरमाऐ.. उपरोक्त स्वरचित शेर सुनाकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र ने सी.आर.पी.एफ. के महिला एवं पुरूष अधिकारियों और जवानों को प्रोत्साहित किया, सौ से अधिक जवानों व अधिकारियों के लिए ब्रह्माकुमारी सद्भावना सभागार में ‘जोश ए ज़जबात’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था । जिसमें प्रमुख राजयोग शिक्षिका बी.के.श्रुति बहन ने मानसिक तनाव, हताशा तथा उमंग–उत्साह में कमी के कारणों का सहज निवारण बताने वाले टिप्स प्रदान किये और बड़े ही मनोवैज्ञानिक ढंग से सभी में खुशी व जोश की लहर पैदा कर दी । कार्यक्रम के संयोजक बी.के.सुरेन्द्र ने जब यह बात याद दिलाई कि फोर्स का आदमी हमेशा ही जवान कहलाता है, उम्र उसके आगे हार मान लेती है । यदि यही शक्तिशाली स्मृति रखें और दस से बीस मिनिट प्रतिदिन मेडिटेशन का अभ्यास करें तो जिन्दगी में सदा खुशहाली और परम आनन्द की अनुभूति होगी तथा किसी भी परिस्थिति में मानसिक अथवा शारीरिक रूप से हार नहीं मानेंगे। सभी महिला व पुरूष अधिकारी व जवानों ने सावधान में खड़े रहकर अटेन्शन विथ मेडिटेशन का अभ्यास किया ।

Source: BK Global News Feed

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