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New Delhi -Three National Awards to ‘Radio Madhuban’ by Min. of I&B – रेडियो मधुबन को केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री के द्वारा तीन राष्ट्रीय सम्मान 

ब्रह्माकुमारीज के द्वारा संचालित सामुदायिक रेडियो स्टेशन, रेडियो मधुबन जो के माउंट आबू एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में जन समुदाय के लिए कार्यरत है इसे केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के द्वारा नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ७ वें राष्ट्रीय  सामुदायिक रेडियो सम्मेलन के दौरान  केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमान प्रकाश जावड़ेकर जी के द्वारा तीन अलग-अलग कैटेगरी में तीन राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए |

 

  1. जिसमें रेडियो मधुबन के कार्यक्रम “नन्हे सितारे” को वर्ष 2018 के लिए “कम्युनिटी एंगेजमेंट कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार” प्राप्त हुआ |
  2. कार्यक्रम “आपणो समाज” जो मारवाड़ी भाषा में स्थानीय लोगों द्वारा निर्माण और प्रसारित किया जाता है उसे वर्ष 2018 के लिए “प्रमोटिंग लोकल कल्चर” कैटेगरी में तीसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ |
  3. मारवाड़ी भाषा में प्रसारित कार्यक्रम “गांव री बातें” को वर्ष 2019 के लिए “प्रमोटिंग लोकल कल्चर कैटेगरी” में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ|

 

सूचना प्रसारण द्वारा आयोजित होने वाले ७ वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन में पूरे देश के 250 से ज्यादा सामुदायिक रेडियो भाग ले रहे हैं जिनमे से पांच अलग-अलग विभाग में वर्ष 2018 के लिए 14 एवं वर्ष 2019 के लिए 14 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान गये हैं | रेडियो मधुबन के हिस्से में  कुल 3 राष्ट्रीय पुरस्कार आए जो की कुल पुरस्कार के 10 प्रतिसत से ज़्यादा है | इस तरह रेडियो मधुबन ने देश में ब्रह्माकुमारीज, माउंट आबू और राजस्थान का नाम रोशन किया है |

नन्हे सितारे

यह कार्यक्रम आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के छोटे बच्चे एवं स्कूली बच्चों को विशेष तौर पर जोड़ने के लिए तैयार किया गया है | शिक्षा का महत्व न जानने की वजह से समुदाय के बच्चे पढाई भी नहीं कर पाते हैं | यह छोटे बच्चों के लिए उनके भीतर छुपी क्षमता को उजागर करने हेतु तैयारकिया गया है, ग्रामीण छोटे बच्चों तथा स्कूल में पढ़ रहे बच्चे- बच्चियाँ हिस्सा लेते हैं | आबू रोड के आसपास के करीब 38 गाँव के औसतन 50प्रतिशत बच्चे तथा शिक्षकगण तक यह कार्यक्रम प्रभावी रूप से पहुँचा हुआ है |

आपणो समाज

आपणो समाज यह कार्यक्रम पिछले चार साल से चल रहा है| इस कार्यक्रम में समाज में प्रवर्तमान रीत रिवाज़ों के बारे में स्थानीय लोगो द्वारा दीजाने वाली जानकारी पर केंद्रित है|  हर समाज केअपने रीति रिवाज़ होते हैं | रीति रिवाज़ की परंपरा के पीछे रोचक कथा होती है | कौन सा रिवाजकब कहाँ और कैसे आरंभ हुआ, इसकी मज़ेदार जानकारी स्थानीय बोली में  दी जाती है , जिसे लोग बड़े चाव से सुनना पसंदकरतेहैं| कार्यक्रमआबुरोड के आसपास के गाँव में रहने वाले समुदाय के लिए बनाया गया था |

 

“गाँव री बातें”

रेडियो मधुबन पर एक ऐसा रेडियो कार्यक्रम जो इन सभी गाँवों और उनके रहवासियों की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करे इस उद्देश्य को केंद्र मे रखते हुए “गाँव री बातें” का प्रसारण आरंभ किया गया | कार्यक्रम द्वारा कवरेज किए जाने से, गाँवों की जानकारियों का सभी लोगों तक बहुत अच्छा प्रचार प्रसार हुआ | चंद्रावती नगरी म्यूजियम के संरक्षक रेडियो मधुबन से बातचीत में बताते हैं, कि पर्यटकों ने रेडियो मधुबन पर कार्यक्रम “गाँव री बातें” को सुना और इस कार्यक्रम को सुनने के बाद में उन्हें पता चला कि आबूरोड में भी ऐतिहासिक महत्व की एक जगह है और उन्हें देखना चाहिए | अब पर्यटकों संख्या पहले की तुलना में दो गुणा है |

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Source: BK Global News Feed

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