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ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा देशभक्ति की अनमोल सेवा दी जा रही है..

हर्ष.. हर्ष.. जय.. जय.. के उद्घोष ने जवानों में भर दिया जोश

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा देशभक्ति की अनमोल सेवा दी जा रही है..

नीमच : दि.24.8.19                                          भारतीय सेना सहित देश के विभिन्न सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों  के वे अधिकारी और जवान जो स्वास्थ्य, मानसिक व शारिरीक अक्षमता के कारणों से सुरक्षा बल में रहते हुए भी अपनी सक्षम सेवायें प्रदान नहीं कर पाते हैं तथा डिप्रेशन, तनाव और हताशा के शिकार हो जाते हैं एैसे जवानों एवं अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रकार के रिफ्रेशर कोर्सेस के अलावा तत्काल कारगर आध्यात्मिक प्रयासों की भी आवश्यकता महसूस की गई । इन्ही ठोस व कारगर प्रयासों के अन्तर्गत विभिन्न सुरक्षाबलों  के जवानों व अधिकारियों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा देश भर में अपनी नि:स्वार्थ व नि:शुल्क सेवायें प्रदान की जा रही हैं ।

नीमच सी.आर.पी.एफ. की आर.टी.सी. शाखा द्वारा पिछले लम्बे समय से मानसिक व शारिरीक रूप से कुछ कमजोर जवानों व अधिकारियों के मनोबल में वृद्धि के लिए रिफ्रेशर कोर्स चलाए जा रहे हैं , जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की नि:शुल्क एवं नि:स्वार्थ अनमोल सेवायें निरन्तर ली जा रही हैं, इसी श्रंखला में नीमच ज्ञान मार्ग स्थित ब्रह्माकुमारी परिसर के विशाल सदभावना सभागार में 125 से अधिक जवानों एवं अधिकारियों के लिए ‘प्रेरणा एवं जोश’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी शुरूआत करते हुए ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने एक शेर पढ़ा “अब आंधियाँ ही करेंगी रोशनी का फैसला… जिस दिये में जान होगी वो दिया रह जाएगा..”इस पर तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंज उठा.. बी.के. सुरेन्द्र भाई ने अनेक प्रेरक एवं जोश भर देने वाले उदाहरण देकर अपने ही अंदाज में सभी को प्रेरित किया तो देखा गया कि वे सभी चेहरे अचानक ही खिल उठे । जो कुछ देर पहले हताश और निराश दिखाई दे रहे थे ।” बी.के.सुरेन्द्र भाई ने “हर्ष.. हर्ष.. जय.. जय..’ का उद्घोष लगातार सभी से करवाकर उमंग उत्साह एवं जोश की लहर पैदा कर दी और सभी को ये शेर सुनाकर लक्ष्य दिया “फलक को ज़िद है जहाँ बिजलियाँ गिराने की.. हमें भी जिद है वहीं आशियाँ बनाने की…’  इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका वरिष्ठ राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने प्रासंगिक उदाहरण एवं कहानी सुनाकर सभी के मनोबल में वृद्धि के लिए राजयोग मेडिटेशन के अनेक चमत्कारी परिणामों से अवगत करवाया तथा रनिंग कॉमेंट्री के द्वारा शक्तिशाली  विचार देकर मद्धम संगीत की पार्श्व ध्वनि में राजयोग मेडिटेशन का गहन अभ्यास करवाया । कार्यक्रम का संचालन सटिक टिप्पणियों के साथ बी.के.श्रुति बहन ने किया तथा अंत में प्रेरक राष्ट्रीय गीत “ताकत वतन की हमसे है.. हिम्मत वतन की हमसे है.. इज्जत वतन की हमसे है.. इंसान के हम रखवाले..’ के गूंजने पर सभी जवानों व अधिकारियों ने खड़े होकर जोश खरोश के साथ यह गीत दोहराया और कार्यक्रम का समापन हुआ ।

 

Source: BK Global News Feed

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