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जगदंबा सरस्वती के 54 वें स्मृति दिवस पर आयोजित

कादमा(हरियाणा):–पवित्रता व दिव्यता की मूर्ति बन समाज में आध्यात्मिक व मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती ने यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा के तत्वावधान में जगदंबा सरस्वती के 54 वें स्मृति दिवस पर आयोजित “स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन” के अवसर पर सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा की मातेश्वरी जगदंबा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम  प्रशासिका थी जो बचपन से अनेक कलाओं से भरपूर थी जिन्होंने अध्यात्म के बल पर कन्याओं व माताओं को सशक्त बनाया। वसुधा बहन ने कहा सभी लोग मातेश्वरी को प्यार से मम्मा कहते थे क्योंकि उनके चेहरे और चलन से मां की ममता स्वतः झलकती थी। इस अवसर पर बहल सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी शकुंतला बहन ने कहा की मातेश्वरी की वाणी में मधुरता बोल मन को शांत  तथा शक्ति संचारित करने वाले होते थे उनमें चुंबकीय आकर्षण था उनके जो भी संपर्क में आया वह आनंद व खुशी से भरपूर अनुभव करता था। मम्मा ने  कभी भी किसी के अवगुण न देख  सदा विशेषताएं ही देखी ।उन्होंने कहा कि अगर हम भी अपने घर, परिवार ,समाज में शांति का माहौल बनाना चाहते हैं तो मातेश्वरी जी के पद चिन्हों पर चलना पड़ेगा। कार्यक्रम में जूई से पधारी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहां की जगदंबा सरस्वती 45 वर्ष की अल्पायु में हम सभी को जीवन जीने की कला सिखा कर चली गई उनकी शिक्षाएं व्यक्तित्व सदा अमर रहेगा। उन्होंने कहा की जगदंबा सरस्वती ने दैवी गुणों का ऐसा बीजारोपण किया जो वर्तमान समय 140 देशों में वंदे मातरम का ध्वज लहरा  रहा है। कुमारी आरती ने मातेश्वरी जी की शिक्षाओं से भरे  गीत पर दिव्य नृत्य प्रस्तुत किया ।इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी शकुंतला, निर्मला, वसुधा बहन ,महंत प्रेमपुरी महाराज, कमल सिंह सचिव गौशाला ,ईश्वर मैनेजर, हरि सिंह शर्मा, सतवीर शर्मा भाजपा जिला उपाध्यक्ष, ब्रह्माकुमार शिवकांत मिश्रा, हेडमास्टर विनोद सांगवान विनोद कुमार एडवोकेट, अरुण सांगवान निदेशक डी एस एम स्कूल के साथ सैकड़ों भाई बहनों ने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए। पुष्प अर्पित करते हुए ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने कहा की हम सभी अपने जीवन में आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों को धारण कर मातेश्वरी जी की शिक्षाओं को अमल में ला समाज को दिव्य ,श्रेष्ठ बनाने का संकल्प लें तो यही हमारी सच्ची सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Source: BK Global News Feed

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