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Pachor , m. p.:- international yoga day celebrated in pachor .

पचोर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा शीतला माता मंदिर में योग दिवस के उपलक्ष्य में राजयोग द्वारा शांति अनुभूति का कार्यक्रम रखा गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नप अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव लायंस क्लब अध्यक्ष अशरफ अली कुरेशी सचिव मनीष अग्रवाल जिला संस्था प्रभारी बीके मधू दीदी एवं योग शक्ति आरती दीदी रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया जिसमें पत्रकार माखन विजयवर्गीय पार्षद अमित गोस्वामी भाजपा नेता कैलाश विजयपुरिया डॉ बीके अग्रवाल शाहिदा खातून मैडम एवं मुख्य अतिथियों के द्वारा किया गया। योग शक्ति आरती दीदी ने योग का महत्व बताते हुए कहा कि योग माना जुड़ना, योग माना संबंध उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दूध और शक्कर दोनों अलग-अलग है लेकिन जैसे ही दूध में शक्कर डालते है , तो दूध पीने योग्य हो जाता है, ऐसे ही जब मनुष्य खुद को आत्म भाव में स्थित करता है और परमात्मा से स्वयं को जोड़ता है इसी जोड़ को योग कहा जाता है और इसे ही आध्यात्मिकता कहां जाता है आज का मनुष्य मन को सेट करने के लिए वह अपने जीवन में कई प्रकार की सामग्री इकट्ठा करता है जैसे पलंग सेट नेकलेस का सेट डाइनिंग सेट सारे सेट अपने घर में लाता है लेकिन खुद को सेट नहीं कर पाता है उसका मन अपसेट है क्योंकि गीता में कहा गया है योग कर्मसु कौशलम अर्थात योग से कर्मों में कुशलता आती है ,लेकिन आज का मनुष्य स्वयं को ना जानने के कारण अपसेट रहता है आत्मा का मिलन परमात्मा से होना ही राजयोग कहा जाता है अशरफ अली कुरेशी ने बताया कि हम शारीरिक लोग तो करते हैं, लेकिन ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर मानसिक योग सिखाया जाता है ऐसे योग से मन शांत होता है और शांति सभी को चाहिए भले वह किसी भी धर्म का हो शांति सभी को जरूरी है हम सुनते बहुत है लेकिन ब्रह्माकुमारी बहनों की कोई भी बात हम जीवन में धारण कर ले उसे आत्मसात करें तो जरूर हमारे जीवन में परिवर्तन आएगा डॉ अनामिका यादव ने कहा कि हमें इस विद्यालय से जुड़ना चाहिए ब्रह्माकुमारी बहनों के संपर्क में आना चाहिए एवं यहां आकर राजयोग का अभ्यास करना चाहिए, मन को शक्तिशाली बनाने के लिए हम ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर जा सकते हैं और शांति प्राप्त कर सकते हैं मनीष अग्रवाल ने कहा कि करो योग रहो निरोग क्योंकि योग करने से हम निरोगी और सुखी रहेंगे इस समय भयंकर बीमारियां निकल रही है जो इसका कोई इलाज ही नहीं है, इसलिए योग करना जरूरी है साथ साथ राजयोग का अभ्यास करने से हम मन को परमात्मा में लगा सकते है, मन को शक्तिशाली बना सकते हैं और मन को शांत कर सकते हैं बीके मधू दीदी ने कहा कि हमारे जीवन में 4 पहलू आते हैं लेकिन हम आध्यात्मिक पहलू पर जोर नहीं देते हैं हम सारी जिम्मेदारियां निभाते हैं चाहे बीमार हो दुखी हो परेशान हो लेकिन आध्यात्मिक पहलू को छोड़ देते हैं जो हमारे जीवन में अधिक मूल्यवान है क्योंकि हम समझते हैं आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए वृद्ध लोग हैं वह सत्संग करें उपवास करें पूजा पाठ करें या योग करें अभी हमारा समय नहीं है और हम इस तरह से आध्यात्मिक पहलू को छोड़ देते हैं इसी भूल के कारण हम दुखी अशांत और परेशान रहते है।अध्यात्म माना स्वयं को आत्मा भाव में स्थित कर परमात्मा को अपने भाव प्रकट करना या बात करना हैं और ऐसे ही राजयोग कहा जाता है। बीके वैशाली दीदी ने योगाभ्यास द्वारा आत्मानुभूति कराई तथा नन्हीं नन्हीं बालिकाओ ने नृत्य के माध्यम से योग का संदेश दिया, मंच संचालन रामेश्वर दांगी जेईई द्वारा किया गया । आभार दुर्गेश योगी के द्वारा प्रकट किया गया।

Source: BK Global News Feed

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