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युवाओं ने दीप जलाकर किया पांच दिवसीय युवा संस्कार षिविर का शुभारम्भ

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
परिवर्तन के लिए नियमितता की आवष्यकता है – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
युवाओं ने दीप जलाकर किया पांच दिवसीय युवा संस्कार षिविर का शुभारम्भ
प्रथम दिन दीदी ने हमारी चार क्षमताओं से कराया अवगत

‘‘21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हम मना रहे हैं या पांच दिन यह युवा संस्कार षिविर करेंगे लेकिन इस समय में केवल जागरण का संकल्प जागृत हो सकता है लेकिन परिवर्तन के लिए नियमितता की आवष्यकता है। जितनी नियमितता उतना संस्कारों में परिवर्तन आता है। आज युवा आई. क्यू.-इंटेलेक्चुअल कोषेन्ट की तरफ बहुत ध्यान देते हैं और निष्चित रूप से अच्छी बौद्धिक क्षमता से अच्छी जॉब लग जाती है, अच्छे पद पर चले जाते हैं, बहुत धन कमाते हैं, मान-सम्मान मिलता है लेकिन जब अपने से प्रष्न पूछेंगे कि क्या जीवन में केवल बौद्धिक क्षमता ही सब कुछ है? तो उत्तर मिलेगा नहीं। क्योंकि इसके साथ भावनात्मक क्षमता अर्थात् ई.क्यू.-इमोषनल कोषेन्ट भी जरूरी है, आज जब युवा भावनाषून्य हो रहे हैं जिसका परिणाम है कि वे अपने पैरेन्ट्स की ओर ध्यान नहीं दे रहे, षिक्षकों का सम्मान नहीं करना या ऐसी आदतों को अपनाना जो उनके पतन का कारण बन रहे हैं। इसलिए भावनाओं का होना भी जरूरी है जिससे हम स्वार्थ को न देखते हुए दूसरों की मदद भी करते हैं जो हमें दुआएं प्राप्त कराता है और यही दुआएं प्रतिकूल समय में दवा का काम करती हैं या शक्ति का अनुभव कराती हैं जो हमें खुषी देती है। लेकिन ज्यादा भावनात्मक भी नहीं होना क्योंकि ज्यादा इमोषनल व्यक्तियों को लोग धोखा दे देते हैं इसलिए लव और लॉ का संतुलन जीवन में आवष्यक है इसलिए रमणीक भी रहें और गंभीर भी रहें। तीसरा है नैतिक मूल्यों की क्षमता अर्थात् एम.क्यू.-मोरल कोषेन्ट। पहले कहा जाता था धन गया कुछ नहीं गया, स्वास्थ्य गया तो कुछ गया लेकिन चरित्र गया तो सब कुछ गया लेकिन आज ठीक उल्टा हो गया कि चरित्र गया तो कुछ नहीं गया, स्वास्थ्य गया तो कुछ गया लेकिन धन गया तो सब कुछ गया। धन सुख-सुविधाओं, साधनों आदि बहुत सी चीजों के लिए आवष्यकत तो है लेकिन धन ही सब कुछ नहीं है। जिस प्रकार मोती की परत उतरने पर मोती की कीमत समाप्त हो जाती है उसी प्रकार चरित्र गिर जाने पर व्यक्ति की कीमत समाप्त हो जाती है।’’
उक्त बातें दयालबंद, गुरूनानक स्कूल स्थित महाराजा रणजीत सिंह सभागार में ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र द्वारा आयोजित पांच दिवसीय युवा संस्कार षिविर के पहले दिन सभा को संबोधित करते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही।
दिव्य गुणों का गुलदस्ता है – आध्यात्मिकता
दीदी ने बतलाया कि हमारी बौद्धिक, भावनात्मक व नैतिक क्षमताओं में स्थिरता लाने के लिए आध्यात्मिक क्षमता अर्थात् एस.क्यू.-स्प्रिच्युअल कोषेन्ट का होना जरूरी है और आध्यात्मिकता कोई धर्म नहीं है यह तो दिव्य गुणों का गुलदस्ता है जिसमें सरलता, दया, प्रेम, आत्मिक भाव – ये सब शामिल हैं। और एकाग्रता की शक्ति के लिए इन सभी गुणों का जीवन में होना जरूरी है।
प्रोटोकॉल के अनुसार सीखाया गया योग अभ्यास का सही तरीका
दीदी ने बतलाया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रोटोकॉल के अनुसार सहज रीति योग अभ्यास करने के लिए आज से ही योग अभ्यासक्रम के अनुसार ही प्रैक्टिस दी जा रही है। जिसके अनुसार ओम् उच्चारण व प्रार्थना से शुरू किया गया व षिथिलिकरण के तीन अभ्यास- ग्रीवा चालन, कटि चालन व घुटना संचालन, खड़े होकर किये जाने वाले पांच आसन- ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन व त्रिकोणासन, बैठकर किये जाने वाले चार आसन- भद्रासन अर्थात् तितली आसन, अर्ध उष्ट्रासन, शषकासन व वक्रासन, पेट के बल लेटकर किये जाने वाले तीन आसन- भुजंगासन, शलभासन व मकरासन, पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले तीन आसन- सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन व शवासन के पश्चात् बैठकर किये जाने वाले प्राणायाम- कपालभाति, अनुलोम-विलोम व भ्रामरी, पांच मिनट ध्यान, संकल्प पाठ व अंत में शांति पाठ कराया गया।
दीदी ने जानकारी दी कि यह षिविर 23 जून तक प्रातः 7 से 8.30 बजे महाराजा रणजीत सिंह सभागार, दयालबंद में व सायं 7 से 8.30 बजे टिकरापारा सेवाकेन्द्र में चलेगी। योग के प्रति रूचि रखने वाले या योग सीखने की इच्छा रखने वाले भाई-बहनें सादर आमंत्रित हैं।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

 

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सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति क्र. 2
योगरथ के द्वारा किया जा रहा लोगों को योग के प्रति जागरूक

‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के प्रचार प्रसार के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा सजाए गए योग रथ का कलेक्टोरेट में आज षिक्षा अधिकारी व अन्य संस्थाओं के सदस्यों द्वारा शुभारम्भ के पश्चात् ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी के निर्देषन में संस्था के भाईयों के द्वारा शहर मेंं योग प्रदर्षन कर घुमाया जा रहा है। जिसमें राकेष गुप्ता, अमर कुंभकार व तुलसी साहू शामिल हैं जो कि छ.ग. योग आयोग द्वारा मास्टर ट्रेनर्स भी हैं। वे योग के गीत, एनाउंसमेन्ट, पर्चे व योग-आसनों के प्रदर्षन के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं।’’
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

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Source: BK Global News Feed

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