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शान्ति सरोवर में योग महोत्सव का शुभारम्भ – योग को अपने दैनिक जीवन का अंग बनाना होगा… डॉ. केसरी लाल वर्मा, कुलपति

रायपुर, १६ जून, २०१९: पं. रविशंकर शुक्ल वि.वि. के कुलपति डॉ. के. एल. वर्मा ने कहा कि सिर्फ एक दिन योग दिवस मनाकर इसे भूल मत जाएं बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर दैनिक जीवन का अंग बनाएं। इससे ही सशक्त और मानवतावादी समाज बनाने में मदद मिलेगी।

डॉ. वर्मा आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में आयोजित योग महोत्सव का शुभारम्भ करने के बाद अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। चर्चा का विषय था – राजयोग मेडिटेशन और तनावमुक्त जीवन। उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में कई वर्षों से योग सिखलाया जाता रहा है। आज इसे विश्व ने अपनाया है। देश में भी योग के प्रति काफी जागरूकता आई है। किन्तु इसे सिर्फ एक दिन मनाकर भूल नहीं जाएं बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का अंग बनाना होगा। आज इस बात की नितान्त जरूरत है कि योग की जानकारी घर-घर तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय जिस तरह की जीवनशैली लोग अपना रहे हैं उससे ब्लड प्रेशर, डायबिटिज, तनाव और अवसाद जैसी अनेक समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान योग में निहित है। योग से स्वस्थ तन और स्वस्थ मन प्राप्त कर सकते हैं। घरों में बच्चों को प्रेरित करने की जरूरत है ताकि बचपन से ही योग उनके जीवन का अंग बन जाए।

छत्तीसगढ़ राज्य पावर कम्पनी के चेयरमैन शैलेन्द्र शुक्ला ने कहा कि योग का सीधा सा अर्थ आत्मा का सम्बन्ध परमात्मा से जोडऩा। योग से मन का भटकना बन्द हो जाता है। इससे विचारों में स्थिरता आती है। इसीलिए खिलाडिय़ों को सबसे पहले मेडिटेशन कराया जाता है। क्योंकि इससे एकाग्रता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ शारीरिक व्यायाम ही न करें बल्कि मेडिटेशन पर भी ध्यान दें। इससे कार्यों में कुशलता आएगी।

इस अवसर पर ब्रह्मïाकुमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्मïाकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम योग पद्घति है। इससे मनुष्य का तन और मन दोनों स्वस्थ और सात्विक बनता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में पूर्ण सफलता नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन अत्यन्त लाभकारी सिद्घ हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमारे हर संकल्प से पाजिटिव या निगेटिव एनर्जी उत्पन्न होती है और वो हमारे शरीर में हार्मोन्स पैदा करती है। अस्सी प्रतिशत बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोच से उत्पन्न उर्जा ही है। राजयोग का अभ्यास करने से हमारे सोच और विचार दोनों पाजिटिव हो जाते हैं। इस प्रकार मनोविकारों के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बच सकते हैं।

इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि राजयोग में सभी योग समाहित हैं। यह सभी योगों का राजा है। क्योंकि इसके द्वारा हम कर्मेन्द्रियों के राजा बन जाते हैं। राजयोग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस योग से तन और मन दोनों के रोगों को ठीक किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्र्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: ९६४४९६४६७४


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Source: BK Global News Feed

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