Uncategorized

VISHWA SHANTI ADHYATMIC MELA 24 MARCH-16 APRIL2019

           विश्व शांति आध्यात्मिक मेला

24 मार्च 2019 को शुभारंभ

                       भारत में शिव भगवान आये हैं

जन्म जन्म से जिस परमात्मा को मनुष्य आत्मायें ढूढ़ रहीं हैं। जिन्हें श्री सोमनाथ मल्लिकार्जुन महाकालेश्वर ओमकारेश्वर वैद्यनाथ भीमेश्वर रामेष्वर नागेश्वर विश्वेष्वर ़त्र्यंबकेश्वर केदारनाथ और घृश्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगम् के रूप में पूजते आये हैं। वह परमात्मा इस धरा पर ब्रह्मा तन में अवतरित होकर सच्चा गीता देकर मानव को देव तुल्य बना रहें हैं। इसी की यादगार में हम सभी शिवरात्रि व शिव जयन्ती हर्षोल्लास से मनाते हैं। शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप हैं। वे ज्ञान सुख षांति प्रेम आनंद पवित्रता के सागर सर्व के कल्याणकारी, परमधाम के निवासी हैं।वर्तमान समय कलियुग का अंत और सतयुग का प्रारम्भ काल अर्थात् पुरूषोत्तम संगमयुग है। इसी समय हम मनुष्य आत्मायें अपने जीवन को कौड़ी से हीरे तुल्य बनाने का सौभग्य भगवान शिव से वरदान के रूप में प्राप्त करते हैं। शिव और शंकर कहने में भले एक जैसा लगता है लेकिन दोनों में महान अंतर है। दोनों के गुण और कर्तव्यों मंे अंतर है। षंकर सूक्ष्म आकारी देवता हैं, तपस्वीमूर्त हैं, सूक्ष्म वतन के रहने वाले, कलियुगी सृष्टि के महाविनाश कराने के निमित्त हैं। जबकि ब्रह्मा विष्णु शंकर के भी रचयिता हैं और सर्व आत्माओं के पिता हैं। परमात्मा शिव निराकार ज्याति बिन्दु स्वरूप सर्व धर्म मान्य हैं। देवी देवताओं की मूर्तियों पर जहाॅं फल फूल और मिष्ठान चढ़ाते हैं, वहीं शिवलिंग पर अक धतूरा चढ़ाते हैं। वे ही मुक्ति और जीवन मुक्ति के दाता हैं। इस समय ही परमात्मा शिव सभी को आत्मा का सत्य परिचय देते हैं कि तुम नश्वर शरीर नहीं लेकिन अजर अमर अविनाशी आत्मा हो। स्वयं को ज्योति स्वरूप आत्मा समझकर मुझ परमात्मा शिव से सर्व संबंध जोड़़कर स्नेह से याद करो तो सर्व पापों से मुक्त हो जायेंगें और आने वाले स्वणर््िाम संसार में राज्य भाग्य प्राप्त करेंगे। याद रखें-अभी नही ंतो कभी नहीं।

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कोरबा द्वारा विश्व शांति आध्यात्मिक मेला का आयोजन गुरुद्वारा रोड आॅगन बाड़ी के सामने गेरवा घाट वार्ड क्र. 2 स्थान- आध्यात्मिक उर्जा पार्क में दिनांक 24 मार्च 2019 को शुभारंभ किया जा रहा है। यह मेला सम्पूर्ण विश्व में शांति, प्रेम व सद्भाव जैसे मूल्यों को पुर्नस्थापित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिसमें प्रमुख आकर्षण शिवलिंग 40 फीट उॅंचा, स्वर्णिम भारत दर्षन, गोकुल ग्राम, प्रभु मिलन एक्सप्रेस ट्रेन,आत्म दर्षन, परमात्म दर्शन, युग दर्शन, योग अनुभूति(मेडिटेषन) कक्ष, नवरात्रि में चैतन्य देवियों की झांकी तथा 7 दिवसीय श्रीमद् भगवद् गीता सार कथा दिनांक 28 मार्च से 03 अप्रैल तक समय-सांयः 5 बजे से 7 बजे तक एवं राजयोग शिविर होंगे। इस शुभ अवसर पर आप सभी सादर आमंत्रित है।
शिव आये धरा, अब देर न कर जरा

Source: BK Global News Feed

Comment here