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जबलपुर कटंगा : मीडिया के समक्ष मूल्यों की चुनौती विषय पर मीडिया सेमिनार आयोजित

मीडिया सेमिनार
मीडिया से ही समाज के उजले पक्ष को सामने लाया जा सकता: प्रो. कमल दीक्षित
– मीडिया के समक्ष मूल्यों की चुनौती विषय पर मीडिया सेमिनार आयोजित
– ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के जबलपुर के कटंगा कॉलोनी सेवाकेंद्र का आयोजन
– शहर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, बेव, रेडियो और सायबर मीडिया के पत्रकारों ने लिया भाग
19 मई, जबलपुर। समाज के व्यवहार व सोच को सबसे ज्यादा मीडिया ही प्रभावित करता है। आज भी पत्रकारिता समाज को बदलने की ताकत रखता है। जैसे बुराई संक्रामक होती है, वैसे ही अच्छाई भी संक्रामक होती है। सकारात्मक पत्रकारिता समय की आवश्यकता है। यदि मीडिया समाज की अच्छाई को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करे तो निश्चित तौर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। मीडिया से ही समाज के उजले पक्ष को सामने लाया जा सकता।

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उक्त उदगार वरिष्ठ पत्रकार व राजी खुशी पत्रिका के संपादक प्रो. कमल दीक्षित ने व्यक्त किए। रविवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के कटंगा कॉलोनी शिव वरदानी भवन की ओर से मीडिया के समक्ष मूल्यों की चुनौती विषय पर मीडिया सेमिनार आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस भवन में आयोजित सेमिनार में शहरभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, बेव, रेडियो और सायबर मीडिया के पत्रकारों ने भाग लिया।
रोजाना एक सकारात्मक खबर करें…
मुख्य वक्ता के रूप में पधारे प्रो. दीक्षित ने कहा कि जहां समाज में अवमूल्यन हुआ है तो पत्रकारिता में भी मूल्यों की चुनौती आना स्वाभाविक है। इसलिए आज पत्रकारिता में विमर्श की जरूरत है। जबलपुर के मीडिया के साथी संकल्प लें कि प्रयोग के तौर पर एक साल तक रोजाना एक सकारात्मक खबर प्रसारित करेंगे। इससे जहां आपको आत्मिक सुख मिलेगा, वहीं समाज में एक सकारात्मकता का माहौल बनेगा। इससे लोगों में अच्छे कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। मन की ताकत से हम अच्छे कार्यों को कर सकते हैं। आध्यात्म में ही बदलाव की ताकत है।

मूल्यों का स्रोत एक परमात्मा…
अपने आशीर्वचन देते हुए ब्रह्माकुमारीज़ के जबलपुर क्षेत्र के सेवाकेन्द्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी विमला दीदी ने कहा कि जब तक मूल्यों को जीवन में नहीं उतारेंगे, तब तक उदाहरण स्वरूप नहीं बन सकेंगे। इसकी विधि है राजयोग मेडिटेशन। मूल्यों का एक स्रोत परमपिता परमात्मा ही हैं। उससे बुद्धि जोड़ने से हमारे अंदर भी मूल्य आने लगते हैं। जीवन में सम्पूर्ण शांति का आधार आध्यात्मिकता है।
नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति पीडी जुआल ने कहा कि मनुष्य को हम जैसा देना चाहते हैं, वैसा बन जाता है। यदि हम सही की और जाएंगे तो सही सोच बनेगी। हिंदी एक्सप्रेस के संपादक रवींद्र वाजपेयी ने कहा कि पत्रकारिता में बाजारवाद आने से ज्यादा समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। समाज का।चौथा स्तम्भ होने से सभी की मीडिया से ज्यादा अपेक्षा रहती है।

स्व परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का आधार…
माउंट आबू से प्रकाशित शिव आमंत्रण के संयुक्त सम्पादक बीके पुष्पेन्द्र ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें सिर्फ प्रेरक, मोटिवेशनल, सकारात्मक और समाज उत्थान से जुड़े समाचार ही प्रकाशित किये जाते हैं। स्व परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का आधार है। हम किसी को नहीं बदल सकते, हम सिर्फ खुद को बदल सकते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ समाज में ज्ञान-ध्यान के साथ बेटी बचाओ, यौगिक खेती, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण को लेकर परिवर्तनकारी कार्य कर रही है। सेमिनार का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारी आरती। दीदी ने किया। आभार सीए विकास भाई ने माना। स्वागत नृत्य कुमारी सान्वी ने प्रस्तुत किया। अंत में इंडिया गॉट टेलेंट के प्रतिभागी श्रेयष बालमाटे कुमार ने गीत कभी अलविदा न कहना… गाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।

Source: BK Global News Feed

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