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आध्यात्म हमें स्वचिंतन का अवसर देता है – सरिता बहन

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शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले मे युवा सम्मेलन का आयोजन
धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सांकरा स्थित आत्मअनुभूति तपोवन मे महाशिवरात्रि के अवसर पर सात दिवसीय आध्यात्मिक मेले में युवा भाई बहनो की बदलते परिस्थिति में आध्यात्मिकता की आवश्यकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में श्री राजेन्द्र शर्मा सभापति नगर पालिक निगम धमतरी, श्री चेतन हिन्दुजा प्रदेश कार्यकारी सदस्य युवा मोर्चा, श्री डीपेन साहू, अध्यक्ष स्काउट गाईड, श्री कपिल अध्यक्ष जे.सी.आई. श्री मनीष सदस्य जे.सी.आई. श्री अविनाश दुबे मिडिया प्रभारी भाजपा, ब्रह्माकुमारी सरस बहन एवं ब्रह्माकुमारी सरिता बहन संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी के सम्मिलित हुए।
ब्रह्माकुमारी सरस बहन ने कहा कि युवा शक्ति समाज में बहुत कुछ कर सकती है। वर्तमान समय भारत संसार का सबसेे युवा देश है आज भारत का युवा हर क्षेत्र में उपलब्धियों की नई उचाईयो को छू रहा है। वर्तमान परिस्थिति में युवाओ के सामने चुनौतियां तो बहुत है लेकिन उसके लिए सबसे बडी चैलेज स्वंय से स्व पर नियत्रण व्यसन, फैशन, और सोशल मिडिया के प्रभाव मे आकर युवा जोश प्रेम, शांति और नैतिकता के मार्ग से भटकर हिंसा, आंतक, दंगे फसाद को अपनी शान और शक्ति का प्रतीक मानने लगा है। भारत जैसे धर्म प्रधान देश में जहां नारी को देवी का स्थान दिया गया यहां ही निर्भया, दामिनी जैसे दुष्कर्म नारी के साथ हो रहे है। युवा नियम और संयम से स्वंय को चलाना नही जानता। आध्यात्म हमें स्वं पर नियंत्रण मन वचन और कर्म पर नियंत्रण सिखाता है। ईश्वरी विश्व विद्यालय का युवा प्रभाग अपने अनेक कार्यक्रमो के माध्यम से युवाओ के मन में आध्यात्म और नैतिक मूल्यो के प्रति जागृति लाने का प्रयास करता है। वर्तमान समय युवा प्रभाग में 1 लाख से अधिक युवा जुडकर पूर्णतः नशा मुक्त, ब्रह्मचर्य संयम नियम और अनुशासित जीवन अपनाकर विश्व सेवा में अपना अमूल्य योगदान दे रहे है।
ब्र.कु. सरिता बहन जी ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति को देेखकर चिंता करने से अच्छा है चिंतन करे। आध्यात्म हमें स्वचिंतन का अवसर देता है। स्वचिंतन आत्म चिंतन शक्ति का स्रोत्र है। देह का चिंतन से अभिमान और अहंकार का जन्म होता है। संसार की सबसे बही शक्ति है विचार शक्ति विचारो में श्रेष्ठता आध्यात्म लाता है। वर्तमान समय मर्यादा ही हमारी सबसे बडी सुरक्षा का साधन है आध्यात्म हमें हर प्रकार की मर्यादा सिखाता है अन्न की, वाणी की, सोने, उठने, बैठने, कपडे पहनने सभी बातो की मर्यादा न केवल हमारी ही नही लेकिन समाज की भी सुरक्षा का कारण बनती है।
श्री राजेन्द्र शर्मा सभापति नगर पालिक निगम धमतरी ने कहा कि आध्यात्म हमें स्वंय को जानना सिखाता है सोशल मिडिया ने युवाओ को मानसिक दिव्यांग बना रहा हैं इससे बाहर आने के लिए आध्यात्म एक अच्छा माध्यम है।
श्री चेतन हिन्दुजा प्रदेश कार्यकारी सदस्य युवा मोर्चा ने कहा कि आध्यात्मिकता हमें बुराईयो को छोडने, तनाव कम करने, मन की उलझनो से बाहर निकलने में मदद करता है। जिसकी वर्तमान समय आज के युवाओ को बहुत आवश्यकता है।
श्री डीपेन साहू, अध्यक्ष स्काउट गाईड ने कहा कि इस क्षेत्र मे आध्यात्म के विकास के लिए ब्रह्माकुमारी बहनो का अमूल्य योगदान है ।
श्री मनीष सदस्य जे.सी.आई धमतरी उन्होने कहा कि जैसे शरीर के लिए व्यायम, मोबाईल के लिए बैटरी चार्जिग आवश्यक है वैसे आत्मा के लिए भी आध्यात्मिकता की आवश्यकता है।
श्री अविनाश दुबे मिडिया प्रभारी भाजपा ने कहा कि आध्यात्म के दो पहलू है दर्शन और प्रदर्शन प्राचीन काल में जो महापुरूष होकर गए रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, आदि शंकराचार्य इनके जीवन में आध्यात्म के दर्शन होते है। लेकिन अभी के दिखावटी संतो के जीवन में आध्यात्म का प्रदर्शन होता है। आध्यात्म हमें विपरित परिस्थिति में रानी लक्ष्मी बाई की तरह सामना करना भी सिखाता है तो पद्मावति की तरह स्वंय के सम्मान के रक्षा के लिए अपना सरवस्व न्यौक्षावर करने की हिम्मत भी देता है।

Source: BK Global News Feed

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