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शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले मे समाज सेवको की संगोष्ठी का आयोजन

धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सांकरा स्थित आत्मअनुभूति तपोवन मे महाशिवरात्रि के अवसर पर सात दिवसीय आध्यात्मिक मेले में नगर के प्रबुद्व समाज सेवको की बदलते परिस्थिति में आध्यात्मिकता की आवश्यकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में श्री सलज अग्रवाल सचिव रोटरी क्लब धमतरी, प्रो. आर.के.साहू सदस्य रोटरी क्लब, लायन्स मुरली मदानी जोन चेयरमेन लायंस क्लब, लायन्स कैलाश भाई सचिव लायन्स क्लब धमतरी श्री यशवंत साहू अध्यक्ष साहू समाज धमतरी, श्री शिवओम बैगा नाग अध्यक्ष धीवर समाज, होरीलाल मत्स्यपाल, पूर्व अध्यक्ष धीवर समाज, सोनू नाग कोषाध्यक्ष धीवर समाज, बलराम हीरवानी सदस्य धीवर समाज, श्री रामअवतार शर्मा से.नि. नायब तहसीलदार, सैयद जफर अली हाशमी, समाजसेवी, अवैश हाशमी प्रदेश महामंत्री छ.ग. कांग्रेस झुग्गी झोपडी प्रकोष्ठ ब्रह्माकुमारी अखिलेश बहन मगरलोड सेवाकेन्द्र एवं ब्रह्माकुमारी सरीता बहन जी संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी से सम्म्लिित हुए।
इस अवसर ब्र.कु. अखिलेश बहन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विज्ञान ने हमें साधन प्रदान किए थे सुख के लिए लेकिन वर्तमान समय यह विज्ञान के यह भौतिक साधन मनुष्य के लिए समस्या बनती जा रही है। इसका कारण है मनुष्य साधन के वश होकर साधना को भूल गया है। जीवन में स्थाई सुख शांति साधना के बिना नही आ सकती। आध्यात्मिकता से सम्पन्न जीवन यदि देखना हो तो देवी देवताओ को देखो उनकी पवित्रता, हर्षितमुखता मन को भा जाती है। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर हमने अपनी प्राचीन नैतिक मूल्यो को खो दिया जिस कारण आज मनुष्य शिक्षित तो लेकिन सत्यता, सम्यता, शालीनता से कोसो दूर हो चुका है। इस भाग दौड की जिन्दगी में आध्यात्मिकता स्पीड ब्रेकर की तरह काम करती है जो हमें कुछ पल रूककर स्वंय को देखने और सोचने का समय देती है।
ब्र.कु.सरिता बहन ने कहा कि आध्यात्मिकता का संबध किसी बाहरी कर्मकांड से नही होता आत्मा में चलने वाले विचार की हमारी दिशा और दशा तय करते है। जहां सकारात्मक विचार उन्नति लाती है वही मन के भीतर चलने वाले नकारात्मक विचार पतन का कारण बन जाते है। सकारात्मक विचारो सबसे श्रेष्ठ स्रोत्र है हमारे धर्मग्रंथ जो प्राचीन काल से आज तक हर परिस्थिति में हमारे मार्गदर्शक बनते है। मन से ईश्वर की दूरी ही पाप अपराध का कारण बनती है। अभिमान अहंकार के वश होकर आत्मा ने अपने मूल गुणो खो दिया इस अहंकार को अध्यात्मिकता के बल से सहज समाप्त किया जा सकता है।
सलज अग्रवाल सचिव रोटरी क्लब धमतरी ने कहा कि आत्मा का अध्ययन करना ही आध्यात्म है।
प्रो. आर.के.साहू सदस्य रोटरी क्लब धमतरी ने कहा कि समाजसेवा का कार्य हर वर्ग अपने अपने तरीके से करता है आध्यात्मिक तरीके से लोगो के मन में प्रेम का बीज बोना भी समाज सेवा है।
लायन्स मुरली मदानी जोन चेयरमेन लायंस क्लब धमतरी ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान हमें दूसरो का परिर्वतन करने से पूर्व स्वंय का परिर्वतन करना सिखाता है। विषम और विपरित परिस्थितियों में हमारे मन से जो निकलता है क्रोध, नफरत, सद्भावना वही हमारी वास्तविकता है।
श्री यशवंत साहू अध्यक्ष साहू समाज धमतरी ने कहा कि आध्यात्म से दूरी हो जाने के कारण ही हमारे जीवन से नैतिक मूल्यो का लोप हो गया है। अच्छी बाते तो हर जगह सुनने के लिए मिल जाती है जरूरत है उन बातो को जीवन मे धारण करना।
शिवओम बैगा नाग अध्यक्ष धीवर समाज ने कहा कि मन की सच्चाई सफाई ही मानव जीवन को श्रेष्ठ व सुन्दर बनाती है।
अवैश हाशमी प्रदेश महामंत्री छ.ग. कांग्रेस झुग्गी झोपडी प्रकोष्ठ धमतरी ने कहा कि हमारे पिताजी के द्वारा किए गए समाजसेवा के कार्यो को हमने बचपन से नजदीक से देखा और महसूस किया है जिस कारण उनके प्रति मेरा अदब सम्मान सदा ही रहा है।बडो की इज्जत करना हमने उनसे सीखा। आज के समय में बडो से बहस करना सवाज जवाब करना ज्ञान और शान की बात समझते है। हम अपनी तहजीब को खोते जा रहे है।

Source: BK Global News Feed

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