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महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर सात दिवसीय शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला का शुभारंभ किया गया

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ज्यार्तिलिंग परमात्मा शिव को हर धर्म में अलग अलग नाम से पुकारा जाता है – ब्र.कु. सरिता
धमतरी (03 मार्च 2019)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सांकरा स्थित आत्मअनुभूति तपोवन मे महाशिवरात्रि के अवसर पर सात दिवसीय आध्यात्मिक मेला का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ भगवान शिव की पूजा आराधना करके किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रंजना साहू, विधायक धमतरी, श्रीमती अर्चना चैबे महापौर धमतरी नगर पालिक निगम, श्री गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक धमतरी, श्री हर्षद मेहता पूर्व विधायक धमतरी, श्री लेखराम साहू,पूर्व विधायक कुरूद, श्री राजीव लुंकड, समाज सेवी धमतरी, श्री ज्ञानी विनोद सिंह जी गुरू सिंग सभा धमतरी, मो. असलम भाटी समाज सेवी एवं ब्रह्माकुमारी सरीता बहन संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ब्र.कु. सरिता बहन ने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतवर्ष में चारो दिशाओ गांव गांव में शिव की पूजा की जाती है। परमात्मा को सर्व देवी देवताओ का आराध्य माना गया है। परमात्मा शिव को सर्व देवो का देव महादेव कहकर पुकारा जाता है। ज्यार्तिलिंग परमात्मा शिव को हर धर्म में अलग अलग नाम से पुकारा जाता है और पूजा अराधना की जाती है। कहा जाता है जब मनुष्यात्मा का जन्म होता है तो उसे जीव यानि शरीर प्राप्त होता है लेकिन जब उसकी मृत्यु होती है तो उसे शिव प्राप्त होते है। महाशिवरात्री के दिन भक्तगण शिवलिंग के उपर अक, धतुरा, जैसे जहरीले फल अर्पित करते है। यदि हम अपने जीवन से विकार रूपी जहर को परमात्मा पर अपर्ण कर देते है तो सही मायने में हमें परमात्म वरदान मिल जाएगा। शिव के साथ रात्रि शब्द कलयुग की तमोप्रधानता, अज्ञानता का प्रतीक है। धर्मग्लानि के समय परमात्मा स्वंय इस धरा पर आकर ज्ञान की ज्योत जगाकर मानव जीवन से अज्ञान अंधकार को समाप्त करते है। इसी की याद में हम प्रतिवर्ष शिवरात्रि का त्यौहार मनाते है। वर्तमान समय शिव स्वंय धरा पर अवतरित होकर अपना परिचय दे रहे है। वह सृष्टि के आदि, मध्य, अंत का ज्ञान सुना रहे है। यही परमात्म संदेश देने के लिए इस शिवदर्शन आध्यात्मिक मेला का आयोजन किया गया है। जिसमें बारह ज्योतिलिंग, स्वर्ग दर्शन, सर्वआत्माओ के पिता, की मनमोहक झांकी लगाई गई है इसके साथ मेला का मुख्य आकर्षण कुम्भकरण को जागाते हुए ब्रह्माकुमारी बहनो की चलित झांकी रखी गई।
ज्ञानी विनोद सिंह जी ने अपने शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य माया और विकारो के वश हो जाने के कारण आज परमात्मा का नाम लेना तक भूल गया है। हमारे बडो ने यह कहा कि मनुष्य जब तु संसार में जन्म लेता है तो तू रोता है और संसार खुशियां मनाता है लेकिन जब तू इस संसार को जब छोडकर जाना तो ऐसा कर्म करके जाना कि तुम संसार से हंसते खेलते विदा लेना लेकिन ससार तुम्हे खोकर आंसू बहाए।
श्रीमती रंजना साहू, विधायक धमतरी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनो की पवित्रता और शांति मुझे सदा से ही आकर्षित करती रही है। यहां आने वाले भाई बहनो के भीतर भी मैने वही पवित्रता, विनम्रता, शालीनता देखी है। इस संस्था से जुडकर यहां कि बातो को जीवन में अपना हम आध्यात्मिक साधना जप तप इत्यादि का लाभ सहज अनुभव कर सकते है।
श्री अर्चना चैबे महापौर नगर पालिक निगम धमतरी ने कहा कि ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने हम सबको सारे समाज को एक सूत्र में बाधा है भले ही हम सबका कार्यक्षेत्र भिन्न भिन्न है लेकिन जब भी हमे ईश्वरीय निमंत्रण मिलता है तो यहां आकर हमें शांति, प्रेम, खुशी की अनुभूति होती है। यहां की बातो को जीवन में धारणकर प्रतिदिन कुछ समय निकालकर मौन में रहने का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
श्री गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक धमतरी ने कहा कि मैं ईश्वरीय विद्यालय से 40 वर्ष पहले से जुड़ा हुं और यहां से मुझे मार्गदर्शन, प्रेरणा और शक्ति, मिलती है जिससे मुझे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती रही है।
श्री लेखराम साहू पूर्व विधायक कुरूद ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनो ने धमतरी क्षेत्र में समाज के हर वर्ग के लिए प्रसंशनीय कार्य किया है। बहनो की अथक सेवाभावना हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत्र है। मानवता की सेवा में मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति हो इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करते रहना चाहिए।
श्री हर्षद मेहता पूर्व विधायक धमतरी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनो की कार्यशैली शांति और प्रेमपूण व्यवहार मुझे सदा ही प्रेरणा देता रहा है।
राजीव लुकड समाजसेवी धमतरी जी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनो का धमतरी नगर सदा ही ऋणी रहेगा, हर वर्ग के आध्यात्मिक, नैतिक, चारित्रिक उन्नति के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान ने किया है उतना कही भी देखने को नही मिलता।
मो़. असलम भाटी जी ने कहा कि समाज के सभी वर्गो के लिए जो मंच प्रदान किया गया यह बहुत अच्छी पहल है। जिसमें विभिन्न वर्ग से ताल्लुक रखने वाले लोग एक ही मंच पर आकर अपने अपने विचार व्यक्त करते है। यह वाकई सराहनीय कदम है।
श्री प्रकाश गांधी, आवैश हाशमी, जी ने भी कार्यक्रम के प्रति अपनी शुभकामनाए प्रदान की।
इसके पश्चात् 03 मार्च से 10 मार्च तक चलने वाले आघ्यात्मिक मेले का शुभारंभ शिव आराधना करके किया। और झांकी का अवलोकन किया गया। इस मेले में प्रतिदिन संध्या 04ः00 बजे से समाज के विभिन्न प्रभागो को संगोष्ठी का आयोजन किया गया है जिसमें समाज के बु़िद्धजीवी वर्ग वर्तमान समय आध्यात्म की आवश्कता विषय पर अपने अपने विचार रखेगें। मंच का संचालन कामिनी कौशिक ने किया।

Source: BK Global News Feed

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